वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश कुमार ने बताया कि अखबार में स्थानीय से लेकर देश-दुनिया तक की खबरें होती हैं। खेल से लेकर व्यापार और कला-संस्कृति से लेकर ज्ञान विज्ञान की जानकारी आसानी से मिल जाती है। अखबार रोज नई जानकारी से रूबरू कराता है।
अमर उजाला की ओर से “आखिर अखबार क्यों पढ़ें” विषय पर 23 अप्रैल को विजडम पब्लिक स्कूल में कार्यशाला हुई। विद्यार्थियों को अखबार पढ़ने के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें अखबार पढ़ने के फायदे बताए गए।
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कार्यशाला में मुख्य वक्ता वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश कुमार ने बताया कि अखबार में स्थानीय से लेकर देश-दुनिया तक की खबरें होती हैं। खेल से लेकर व्यापार और कला-संस्कृति से लेकर ज्ञान विज्ञान की जानकारी आसानी से मिल जाती है। अखबार रोज नई जानकारी से रूबरू कराता है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी प्रिंट मीडिया पर निर्भर है। अखबार में जो एक बार लिख गया, वह मिटाया नहीं जा सकता। आप उसे जब चाहे, जितने साल बाद देख सकते हैं। लेकिन सीधा प्रसारण या न्यूज चैनल पर दिखाई गई वीडियो को आप हटा सकते हैं।
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स्कूल की प्रधानाचार्या निर्मल अग्रवाल ने कहा कि अनेक भाषाएं आना जरूरी नहीं, लेकिन अपनी मातृभाषा आना और अपनी बात रख पाना बेहद जरूरी है। एपीजे अब्दुल कलाम को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह कहा करते थे, मनुष्य कितनी ही भाषा भले ही सीख ले, लेकिन सपने तो हमेशा अपनी मातृभाषा में आते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप आज से ही अखबार पढ़ने की आदत जरूरी डालें, क्योंकि आप किसी भी सरकारी कर्मचारी से पूछेंगे तो वह बताएंगे कि वह अखबार पढ़ा करते थे। इसलिए एक अच्छे ज्ञान के लिए ये आदत डालना भी जरूरी है। अतिथियों को स्कूल प्रशासन की तरफ से पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्कूल की निदेशक प्रीति गुप्ता, उप निदेशक नितिन अग्रवाल, सह निदेशक अतिन गुप्ता आदि मौजूद रहे।