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चालान काटो या लगाओ जुर्माना, हर हाल में कोरोना को है हराना

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अभिषेक शर्मा
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कोरोना काल खत्म नहीं हुआ, जनता अनलॉक प्रक्रिया में बेपरवाह हो गई है। इसका खामियजा कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर भुगतना पड़ रहा है। इन हालात को लेकर हाईकोर्ट की ओर से तीन दिन पहले की गई टिप्पणी से शासन के निर्देश पर जिला पुलिस एक्शन के मोड में आ गई है। जिला पुलिस बेवजह घूम रहे लोगों पर लगाम लगाने के लिए चालान काटो या लगाओ जुर्माना, हर हाल में कोरोना है हराना के मूलमंत्र पर काम कर रही है। इसका परिणाम है कि दो दिन में 181 लोगों को धारा 144 के उल्लंघन में धारा 188 में पाबंद कर मुकदमा दर्ज किया गया है। यह सभी ऐसे लोग थे, जो मनाही के बाद भी सामाजिक दूरी के नियम को ताक पर रख रहे थे। वहीं, पुलिस ने अनलॉक लगने के बाद से अब तक अब तक 35 हजार लोगों को मास्क न लगाने पर प्रति व्यक्ति 100 रुपये का चालान काट 35 लाख रुपये वसूले हैं। वहीं चालान करते समय एक लाख मास्क भी वितरित किए हैं।
बृहस्पतिवार को 74 और बुधवार को 107 पर 188 के मुकदमे
एसएसपी ने बताया कि बृहस्पतिवार को मडराक में 11, इगलास में 10, सासनी गेट में 4, देहली गेट में 7, बन्नादेवी में 15, गांधी पार्क 17, क्वार्सी 4, खैर 6 लोगों को 188 के तहत पाबंद किया। इससे पहले बुधवार को धारा 188 के तहत कोतवाली थाना पुलिस ने 9, सासनी गेट थाना पुलिस ने 5, देहली गेट थाना पुलिस ने 23, बन्ना देवी थाना पुलिस ने 23, गांधी पार्क थाना पुलिस ने 21, सिविल लाइन थाना पुलिस ने 10, क्वार्सी थाना पुलिस ने 4, चंडौस पुलिस ने 5, इगलास थाना पुलिस ने 5, और मडराक थाना पुलिस ने 2 लोगों को पाबंद किया।
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गांधीगीरी वाली पुलिसिंग
एसएसपी ने बताया कि मास्क के लिए लोगों के चालान काटना या सोशल डिस्टेंसिंग तोड़ने पर 188 के तहत पाबंद करने का उद्देश्य जनता से सिर्फ कड़ाई से नियमों का पालन कराने के लिए है। जिले में पुलिस जब भी किसी व्यक्ति का मास्क न पहनने पर चालान काट रही है, तो उस व्यक्ति को एक मास्क भी भेंट किया जा रहा है, जिससे वह उसका इस्तेमाल करे। अब तक एक लाख मास्क का वितरण किया जा चुका है। वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग का नियम तोड़ने पर पहले लोगों को चेतावनी जारी की जा रही है। दुकानदारों को नियमों से अवगत कराया जा रहा है। इसके बाद भी जब लोग नहीं मान रहे तो उनके खिलाफ 188 की कार्रवाई की जा रही है। शासन से भेजी गई जागरूकता वैन को बाजार, गली, मोहल्लों में भेजा जा रहा है।
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लापरवाही का नतीजा, सामुदायिक प्रसार की दहलीज पर खड़ा जिला
कोरोना के प्रति जनता की लापरवाही का ही नतीजा है कि जिला अब सामुदायिक प्रसार की दहलीज पर आकर खड़ा हो गया है। संक्रमित व्यक्ति के बारे में यह पता नहीं लग पा रहा है कि किसके संपर्क में आने से संक्रमित हुआ है। आरोग्य सेतु एप को लोग भूल चुके हैं। इसके चलते उनकी ट्रेवल हिस्ट्री का भी पता नहीं लग पा रहा है।
-लॉक डाउन में संक्रमण की रफ्तार पर नजर
- प्रथम लॉकडाउन (25 मार्च से 14 अप्रैल) में एक व्यक्ति संक्रमित
- दूसरे लॉकडाउन (15 अप्रैल से तीन मई ) में 42 लोग संक्रमित हुए
- तीसरे लॉक डाउन (4 मई से 17 मई) में यह 42 लोग संक्रमित हुए
- चौथे लॉकडाउन (18 मई से 2 जून) में 89 लोग संक्रमित हुए
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