एएमयू के नए कुलपति के नाम पर दिसंबर के दूसरे सप्ताह में मुहर लग सकती है। छह नवंबर को एएमयू कोर्ट सदस्यों ने कुलपति पैनल में शामिल पांच में से तीन लोगों को चुना था। कुलपति पद के उम्मीदवार प्रो. एमयू रब्बानी को सर्वाधिक 61 मत मिले थे, जबकि प्रो. फैजान मुस्तफा को 53 और प्रो. नईमा खातून को 50 मत मिले थे।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के नियमित कुलपति के नाम पर मुहर लगने का इंतजार शिद्दत से हो रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर के दूसरे सप्ताह में दिल्ली से कुलपति बनने की खबर आ सकती है।
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छह नवंबर को एएमयू कोर्ट सदस्यों ने कुलपति पैनल में शामिल पांच में से तीन लोगों को चुना था। कुलपति पद के उम्मीदवार प्रो. एमयू रब्बानी को सर्वाधिक 61 मत मिले थे, जबकि प्रो. फैजान मुस्तफा को 53 और प्रो. नईमा खातून को 50 मत मिले थे। अगले दिन एएमयू कोर्ट की कार्यवाही दिल्ली भेज दी गई थी, लेकिन अभी तक दिल्ली से नए कुलपति की खबर नहीं आई है। कुलपति पद के दावेदारों की पत्रावली पहले शिक्षा मंत्रालय, फिर विधि मंत्रालय के बाद राष्ट्रपति के पास जाएगी। यहीं पर नए कुलपति के नाम पर मुहर लगेगी।
उधर, स्थाई, अस्थाई और दैनिक भत्ता भोगी कर्मचारियों का विभिन्न मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय के सामने धरना जारी है। नए कुलपति के सामने इन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान सहित छात्रसंघ चुनाव, गैर शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ का चुनाव, स्कूलों में शिक्षकों की स्थाई नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया की चुनौतियां भी होंगी। वहीं, कुलपति पैनल प्रक्रिया मानक के विपरीत होने का मामला भी उच्च अदालत में विचाराधीन है।