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अग्निपथ : यमुना एक्सप्रेसवे पर घंटों चला उत्पात

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यमुना एक्सप्रेस वे पर तैनात पुलिस कर्मी। - फोटो : CITY OFFICE
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उम्मीद ऐसी न थी। शायद इसी अनुमान के अनुसार तैयारी कुछ कम थी और पुलिस प्रशासन का फोकस जिले में जुमे को लेकर सुरक्षा इंतजाम पर था। इसी कमी का लाभ सेना भरती की तैयारी करने वाले नौजवानों ने उठाया। अग्निपथ योजना के खिलाफ शुक्रवार को टप्पल - जट्टारी क्षेत्र में छह घंटे तक बेखौफ होकर गुरिल्ला युद्ध लड़ा। उनका गुस्सा सरकार और केंद्र - प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के प्रति साफ दिखा। क्योंकि उनके निशाने पर सरकारी संपत्ति और भाजपा के झंडे वाली संपत्तियां ही रहीं। अराजकता और आक्रामकता का आलम ये था कि शुरुआती घंटों में संख्या बल कम होने के कारण पुलिस के हाथ पांव फूले रहे। हर मोर्चे पर पुलिस बैकफुट पर रही। बाद में डीएम - एसएसपी और जिले भर से पहुंचे पुलिस बल द्वारा प्रदर्शनकारियों से मोर्चा लिया गया। तब जाकर हालात काबू हो सके।
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ऐसे बदलते रहे हालात, बेकाबू होते गए नौजवान
अग्निपथ योजना के विरोध को लेकर प्रदेश भर में हाई अलर्ट के क्रम में पुलिस सुबह से एसपी देहात व एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में टप्पल तथा एक्सप्रेस वे की निगरानी में लगी थी। इसी बीच 10 बजे नौजवानों की भीड़ इंटरचेंज पर अलीगढ़ - पलवल मार्ग पर आकर जमा होने लगी। इस पर पुलिस ने इंटरचेंज पर ऊपर चढ़ने वाले रास्ते टायर आदि लगाकर रोक दिए। एसडीएम व सीओ खैर उन्हें शांति पूर्वक धरना-प्रदर्शन के लिए समझाते रहे और हाईवे के नीचे एक मैदान में एकत्रित कर लिया गया। मगर युवक हंगामा करने को आतुर थे। इसी बीच पलवल की ओर से आ रही हरियाणा की बस को रोक कर उसमें तोड़फोड़ की तो पुलिस ने किसी तरह उन्हें रोका। इसके बाद भीड़ तितर बितर हो गई और बेखौफ होकर यमुना एक्सप्रेस वे पर चढ़ गई। इसे देखते हुए पहले से जेवर टोल से वाहनों का आवागमन रुकवा दिया गया था। मगर हिंसक युवक अलग अलग हिस्सों में बंटकर एक्सप्रेस वे की दोनों लेन अवरुद्ध करने लगे।
टप्पल के ब्लाक प्रमुख बीना देवी के पति ऋषिपाल सिंह उन्हें समझाने पहुंचे तो उन्हें भी विरोध का सामना करना पड़ा। जिसके चलते वे लौट गए। इसी बीच उपद्रवियों ने इंटरचेंज पर नोएडा की ओर से आ रही रोडवेज बस और एक्सप्रेस वे पर आगरा की ओर जा रही सीएनजी बस को रोक कर आग लगा दी गई। इस पर पुलिस ने बल प्रयोग शुरू किया तो भीड़ ने पुलिस को करीब 2 किमी तक पथराव कर दौड़ा दिया। इस दौरान बल फोर्स कम था, इसलिए पुलिस ने पीछे हटना उचित समझा। उसी समय पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी पहुंचे तो उन्हें भी पथराव कर दौड़ा दिया। इसके बाद एक्सप्रेस वे पर चढ़ रही एक बस व पलवल की ओर से आने वाली बस में भी आग लगा दी, जिसमें पहले तोड़फोड़ की गई थी। दो अन्य बसों को भी आग के हवाले कर दिया। इस तरह छह बसें वहां फूंकी और जमकर अराजकता की। करीब दो से ढाई घंटे तक इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद रहा। इसी पथराव में एसपी यातायात मुकेश चंद्र उत्तम, सीओ खैर आरके सिसौदिया, उनका गनर दीपक तथा एक पीएसी कर्मी चोटिल हो गए।
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डीएम - एसएसपी की गाड़ियों पर पथराव से जट्टारी में प्रवेश
करीब दो बजे तक अराजकता के बाद अचानक युवाओं ने जट्टारी की ओर रुख किया। यह युवक दौड़कर ट्रक आदि में सवार होकर लाठी - डंडे, सरिया आदि लेकर पहुंच रहे थे। तब तक जिला मुख्यालय को उग्र बवाल की खबर मिल चुकी थी। यहां जुमे को लेकर शहर का जायजा ले रहे डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसएसपी कलानिधि नैथानी टप्पल के लिए रवाना हो गए । जब युवा जट्टारी में प्रवेश कर रहे थे, तभी डीएम - एसएसपी के काफिले से उनका सामना हुआ तो उन पर पथराव भी किया गया। इस पर तेजी से काफिला आगे निकला और कुराना बाग के पास रुक गया। जट्टारी में घुसते ही सबसे पहले पुलिस चौकी में घुसकर वहां एक कार व एक बाइक को आग लगाई। कार्यालय में तोड़फोड़ की। यहां दो दरोगाओं व कुछ सिपाहियों से मारपीटकर उन्हें चोटिल किया। इसके बाद कस्बे के बाजार में जाते समय सीसीटीवी तोड़े और लोगों के मोबाइल छीन लिए। इसी दौरान जट्टारी नगर पंचायत कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ कर दी गई। यहां एसडीएम की गाड़ी कोे भी तोड़ दिया गया। इसके बाद वे जट्टारी के आखिरी छोर छज्जूपुर मोड़ तक पहुंचे। जहां एक दुकान पर पिकैट के रूप में बैठे पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच डीएम एसएसपी उन्हें बचाने पहुंचे। किसी तरह उन्हें बचाया। मगर इस दौरान पशुओं के झुंड को आगे कर डीएम - एसएसपी के काफिले पर पथराव कर हमला कर दिया। इस पर फोर्स ने जवाब में लाठी फटकारी और आंसू गैस व रबर बुलेट छोड़ी। इस दौरान डीएम और एसएसपी के बुलावे पर अन्य कस्बों से फोर्स भी पहुंच गया। जिससे दोनों ओर से यह लोग घिर गए और तीन टुकड़ों में बंटकर खेतों की ओर से पथराव करने लगे। इस तरह वहां गुरिल्ला युद्ध के हालात बन गए। इसी बीच कमिशभनर गौरव दयाल, डीआईजी दीपक कुमार, आगरा से एडीजी जोन राजीव कृष्ण भी फोर्स के साथ पहुंच गए। फोर्स को चारों ओर से आता देख यह लोग टुकड़ों में बंटकर इधर उधर भागे। वहीं पुलिस इन्हें लठियाकर खदेड़ती रही। जाते समय एक टोली ने फिर से पुलिस चौकी कार्यालय के अंदर और वहां खड़ी तीन अन्य बाइकों में आग लगा दी। फिर भीड़ गलियों में गायब हो गई।
चेयरमैन की गाड़ी में एसडीएम को देख घेरा, आग लगाई
इस घटना से कुछ देर पहले एसडीएम की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी थी। इसी के चलते उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय से चेयरमैन की गाड़ी मांगाई और वह उसमें सवार होकर खैर जा रहे थे। जिसे देख भीड़ ने उन्हें रोक लिया और स्टाफ से अभद्रता शुरू कर दी। इस पर एसडीएम ने किसी तरह बचकर खुद को बचाया। मगर इस बीच उनका मोबाइल क्षतिग्रस्त हो गया। भीड़ ने चेयरमैन की गाड़ी भी फूंक दी। इस दौरान चारों ओर हुए पथराव में एसपी क्राइम, एडीएम, कमिशभनर, एडीजी, एसएसपी आदि के वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। इस तरह चार बजे जाकर हालात सामान्य हुए।
एडीजी ने उपद्रवियों को गलियों में कराया तलाश, दर्जन भर दबोचे
एडीजी राजीव कृष्ण ने अलग अलग टीमें बनाकर फोर्स का फ्लैग मार्च कराया और गलियों में उन्हें तलाश कराया। तब जाकर दर्जन भर उपद्रवी चारों ओर से हिरासत में लिए गए हैं।
रबर बुलेट से जख्मी हुआ एक युवक
बवाल के दौरान जट्टारी में पुलिस द्वारा जब आंसू गैस व रबर बुलेट की फायरिंग की गई। तब युवक तितर बितर हुए और पुलिस को राहत पहुंची। रबर बुलेट की फायरिंग में सिमरोठी गांव के बुद्ध सेन के 21 वर्षीय बेटे सुमित जख्मी हो गए। जिसे उपचार के लिए पहले टप्पल और फिर वहां से जिला मुख्यालय लाया गया।

यमुना एक्सप्रेस वे पर गाड़ी के आगे लेटे युवक।- फोटो : CITY OFFICE

यमुना एक्सप्रेस वे दोनों तरफ से रास्ता बंद कर हंगामा करते युवक। - फोटो : CITY OFFICE

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