जवां में पिछले साल अगस्त में हुए चर्चित गौकशी कांड की यात मंगलवार देर शाम फिर ताजा हो गई। नगौला के जंगलों में देर रात कई सैकड़ा गायों का झुंड देख एक तरफ ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और खबर पर पुलिस भी दौड़ती हुई पहुंच गई। बाद में पुलिस ने इन गायों को लेकर घूम रहे दो दर्जन लोगों का सत्यापन किया और उनके संबंधित थाने से जानकारी की। तब जाकर उन्हें यह हिदायत दी गई है कि अगर आसपास के जिले में भी इन गायों के साथ किसी घटना की खबर मिली तो आप सभी को दोषी माना जाएगा। फिलहाल गाय रात को जंगल में ही रुकी हुई हैं।
हुआ यूं कि देर शाम अचानक नगौला के जंगलों में उसी स्थान से चंद दूरी पर डेढ़ से दो हजार गायों का झुंड ग्रामीणों ने देखा, जहां पिछले साल अगस्त माह में बड़े पैमाने पर गौकशी हुई थी। यह देख ग्रामीणों ने इन गायों को लेकर घूम रहे लोगों व गायों को घेर लिया। खबर पर एसओ जवां छोटेलाल भी पहुंच गए। बाद में एसओ ने सभी के नाम, पते व फोटो एकत्रित किए। यह करीब 22 लोग राजस्थान के सोहपुर जनपद के पिपराली थाना कराल गांव के थे। इनके संबंधित थाने पर सूचना देकर इनके नाम पते की तस्दीक कराई गई। वहां से सूचना मिली कि यह लोग झुंड में गायों को चराने के लिए निकले हैं। यहां पूछताछ में इन लोगों ने यही बात स्वीकारी। एसओ के अनुसार इन लोगों को हिदायत दी गई है कि गायों को चराते हुए वापस जाएंगे। अगर आगे के कुछ दिनों में आसपास के किसी जनपद में गौकशी की सूचना मिलती है तो सबसे पहले आप लोगों को ही घेरा जाएगा। साथ ही रात में यह लोग यहीं रुकेंगे और सुबह निकल जाएंगे।