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1967 का विधानसभा चुनाव : जनसंघ ने बढ़ाया जिले में दखल, तीन पर जीता ‘भगवादल’

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अभिषेक शर्मा
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उत्तर प्रदेश विधानसभा के तीसरे चुनाव से जिले की सियासत में हुई जातीय व धार्मिक ध्रुवीकरण की एंट्री का असर चौथे चुनाव में भी 1967 में देखने को मिला। इसी का परिणाम रहा कि जिले में ज्यादातर सीटों पर दूसरे स्थान पर रहे भारतीय जनसंघ ने एक साथ जिले की चार सीटों पर दर्ज की और प्रदेश की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को तीन सीटों पर समेट कर रख दिया। इसी चुनाव में पहली बार अतरौली से कल्याण सिंह जनसंघ के बैनरतले चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे और जिले में चार सीटों की जीत का श्रेय भी उन्हीं को दिया गया। इतना ही नहीं, प्रदेश की 425 सीटों में से कांग्रेस को 199 तो भारतीय जनसंघ को 98 सीट मिलीं। उसका कारण भी पिछड़ा वोटों का ध्रुवीकरण माना गया।
8 पंजीकृत दलों ने यूपी में लड़ा चौथा चुनाव
1967 के चुनाव में 8 राजनीतिक दल पंजीकृत थे, जिनमें स्वतंत्रता पार्टी, संगठा सोशलिस्ट पार्टी, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, जनसंघ, कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी एम, रिपब्लिकन पार्टी प्रमुख हैं।
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ऐसे मिली कांग्रेस को जनसंघ की ओर से कड़ी टक्कर
1962 चुनाव में दलित-मुस्लिम गठजोड़ के सहारे रिपब्लिकन पार्टी ने जहां जिले में जातीय समीकरण चलाया। उसी दौर में जनसंघ ने भी धार्मिक ध्रुवीकरण के सहारे कदम आगे बढ़ाया था। इसका परिणाम 1967 के चुनाव में उस समय जिले के दिग्गज जनसंघी कल्याण सिंह की अगुवाई में सामने आया। उनके नेतृत्व में जिले में सीटों का बंटवारा किया गया। पिछड़ी जातियों के साथ-साथ वाल्मीकि नेता किशनलाल दिलेर को टिकट देकर एक नया दांव खेला गया और इसके सहारे जनसंघ ने जिले पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया। पहली बार में ही जिले की चार सीटें जीतीं।
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ये रहे दस सीटों पर परिणाम
जिले की 94928 मतों वाली हाथरस सीट पर 11536 मत पाकर जनसंघ के रामशरण सिंह जीते, जबकि कांग्रेस के नंद कुमार देव वाशिष्ठ 9338 मत पाकर हारे। 1 लाख 2 हजार 27 मतों वाली सासनी सीट पर कांग्रेस के रामप्रसाद देशमुख 16602 मत पाकर जीते, जनसंघ के एस चंद्रा 7221 मत पाकर हारे। 1 लाख 4 हजार 858 मतों वाली सिकंदराराऊ सीट पर कांग्रेस के बागी निर्दल नेकराम शर्मा ने 21489 मत पाकर कांग्रेस के ओंकार सिंह को हराया, उन्हें 17355 मत मिले। गंगीरी पर 1 लाख 10 हजार 442 मतों में से अतरौली से शिफ्ट हुए प्रजा सोशलिस्ट पार्टी बाबू सिंह यादव ने 21112 मत पाकर जीत दर्ज की और कांग्रेस के कुं. श्रीनिवास 19400 मत पाकर हारे। अतरौली पर 1 लाख 11 हजार 472 मतों में से जनसंघ के कल्याण सिंह 25508 मत मिले और जीते। कांग्रेस के ए. सिंह 21157 मत पाकर हारे। अलीगढ़ शहर पर 94265 मतों में से जनसंघ इंद्रपाल सिंह को 22357 मत मिले और कांग्रेस के आरवाईआर ख्वाजा 15006 मत पाकर हारे। कोल पर 1 लाख 3 हजार 760 मतों में से जनसंघ किशनलाल दिलेर को 10228 मत मिले और जीते। कांग्रेस के रमेश चंद्र करन 9743 मत पाकर हारे। इगलास पर 99781 मतों में से कांग्रेस के मोहनलाल गौतम को 25343 मत मिले और जीते, जबकि निर्दल शिवदान सिंह 14638 मत पाकर हारे। खैर से 1 लाख 12 हजार 573 मतों में से कांग्रेस के प्यारे लाल 16284 मत पाकर जीते, जबकि निर्दल महेंद्र सिंह 14619 मत पाकर हारे। चंडौस पर 1 लाख 4 हजार 247 मतों में से 11664 मत पाकर निर्दल केशवदेव हरियाणा जीते, जबकि कांग्रेस के आर सिंह 9918 मत पाकर हारे।
ये थे विधानसभा सीट वार विधायक
1-हाथरस-रामशरण सिंह
2-सासनी सु.-रामप्रसाद देशमुख
3-सिकंदराराऊ-नेकराम शर्मा
4-गंगीरी-बाबू सिंह यादव (अब छर्रा)
5-अतरौली-कल्याण सिंह
6-अलीगढ़-इंद्रपाल सिंह
7-कोल सु.-किशनलाल दिलेर
8-इगलास-मोहनलाल गौतम
9-खैर-प्यारेलाल
10-चंडौस-केशवदेव हरियाणा (अब बरौली)
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