जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने कहा कि 10 मार्च को होने वाली मतगणना में आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। मतगणना के बाद विजयी जुलूस निकालने पर प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि जरा सी चूक एवं लापरवाही संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, इसलिए मतगणना में गलती अक्षम्य होगी।
शनिवार को कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया का अंतिम पड़ाव मतगणना है और यह बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं प्रत्याशियों से अपील की कि वे समय रहते मतगणना अभिकर्ताओं के पास संबंधित आरओ से बनवा लें। अभिकर्ता साफ-सुथरी छवि के होने चाहिए। किसी भी तरह की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को मतगणना एजेंट नहीं बनेंगे। आरओ टेबल पर एक समय में केवल प्रत्याशी या मतगणना अभिकर्ता ही रह सकेंगे।
उन्होंने किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और उन्हें फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन को अपना सहयोग देने को कहा। कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने बताया कि पोस्टल बैलेट की गणना के लिए खैर एवं इगलास विधानसभा में संख्या अधिक होने के कारण स्कैनिंग के लिए चार-चार टेबल लगाई जाएंगी। ईवीएम की काउंटिंग के लिए 14-14 टेबल पर होगी। मतों की गिनती के पश्चात 45 दिन तक सभी ईवीएम वेयर हाउस में रहेंगी। इसके बाद चुनाव आयोग के निर्देशानुसार अन्य स्थानों पर भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी विधान सभाओं में एक-एक प्रेक्षक के साथ ही कोल एवं शहर विधानसभा के लिए मतगणना के दौरान भी अलग-अलग प्रेक्षक होंगे। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि अधिकारियों, मतगणना कार्मिकों एवं अभिकर्ताओं को सुबह छह बजे के बाद प्रवेश दिया जाएगा। मंडी के गेट नंबर एक से शासकीय कर्मी, पुलिस कर्मी, अधिकारी व प्रेक्षक प्रवेश करेंगे। गेट नंबर दो से प्रत्याशी एवं मतदान अभिकर्ता प्रवेश करेंगे। 200 मीटर के अंदर वैध पासधारक वाहन ही प्रवेश कर सकेंगे। विजय जुलूस पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल, सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार वर्मा, एसपी ट्रैफिक मुकेश कुमार उत्तम समेत सभी आरओ, एआरओ आदि मौजूद रहे।