दीपावली को लेकर रोडवेज ने दिल्ली, नोएडा, अलीगढ़-कानपुर रूट पर 300 अतिरिक्त बसें चलाने की घोषणा की थी। लेकिन शहर के मसूदाबाद और सारसौल बस स्टैंड पर बसों के इंतजार में यात्री घंटों भटकते रहे। जब बसें पहुंची भी तो उनमें पहले से ही काफी भीड़ थी।
दीपावली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों को 18 अक्तूबर को वाहनों की कमी से जूझना पड़ा। भीड़ के चलते रोडवेज की अतिरिक्त बसें चलाने की योजना धराशायी हो गई। यात्रियों को वाहनों की तलाश में घंटों भटकना पड़ा। महिलाओं और बच्चों को लेकर घर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। ट्रेन में चढ़ने के लिए भी मारामारी की स्थिति बनी रही।
विज्ञापन
दिल्ली से आने वाली गोमती एक्सप्रेस, महाबोधि एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस, अलीगढ़-कानपुर मेमू ट्रेन, फरक्का एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस, कैफियात एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस समेत विभिन्न ट्रेनों में यात्रियों की काफी भीड़ रही। आलम यह था कि ट्रेनों में दरवाजे और खिड़कियों तक लोग लटके हुए थे। इन्हें हटाने के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवानों को कड़ी मशक्कत करनीं पड़ी। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि त्योहार को लेकर रेलवे ने ट्रेनों में कोच बढ़ाने के साथ ही त्योहार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है।
रोडवेज का दावा फेल, बसों के इंतजार में भटकते रहे यात्री
दीपावली को लेकर रोडवेज ने दिल्ली, नोएडा, अलीगढ़-कानपुर रूट पर 300 अतिरिक्त बसें चलाने की घोषणा की थी। लेकिन शहर के मसूदाबाद और सारसौल बस स्टैंड पर बसों के इंतजार में यात्री घंटों भटकते रहे। जब बसें पहुंची भी तो उनमें पहले से ही काफी भीड़ थी।
सर्वाधिक भीड़ वाले हाथरस, आगरा, एटा, कासगंज, मथुरा, कानपुर, बरेली, मुरादाबाद के अलावा लोकल रूटों पर जाने वाले यात्रियों को बसों के घंटों इंतजार में भटकना पड़ा। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र वर्मा का दावा है कि दिल्ली-कानपुर रूट पर 300 बसें चलाई जा रही हैं। कुछ बसों के फेरे भी बढ़ाए गए हैं। लोकल रूटों पर यात्रियों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों का संचालन कराया जा रहा है।