फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh News: एएमयू में धरने के बीच पुलिस ने कैंपस से चार छात्रों को उठाया, बवाल

विज्ञापन
प्रॉक्टर कार्यालय के बाहर धरना देते छात्र। संवाद
विज्ञापन
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव के लिए चल रहे धरने के बीच पुलिस ने कैंपस से चार छात्रों को उठा लिया। इससे गुस्साए छात्रों ने बाब-ए-सैयद समेत चारों गेट बंद कर दिए। प्रॉक्टर कार्यालय को घेरने के दौरान छात्रों और प्रॉक्टर के बीच जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
विज्ञापन


यूनिवर्सिटी के डक पाॅन्ड पर 13 दिन से निलंबित छात्र यासिर फहद भूख हड़ताल पर बैठे हैं। 13वें दिन चुनाव को लेकर आंदोलन उस समय उग्र हो गया, जब एमएम हॉल के अमीन हॉस्टल से चार छात्र पुलिस ने उठा लिया और उन्हें प्रॉक्टर कार्यालय ले आई। इस खबर से छात्रों में आक्रोश पनप गया।

पहले शताब्दी द्वार, बाब-ए-सैयद, मेडिकल कॉलेज की तरफ जाने वाले गेट को बंद कर दिया। इससे आवाजाही बंद हो गई। जेएन मेडिकल कॉलेज जाने वाले एंबुलेंस चालकों और अन्य लोगों को परेशानी हुई। जुलूस की शक्ल में पहुंचे छात्रों ने प्रॉक्टर कार्यालय को घेर लिया।
विज्ञापन


इस दौरान उनकी प्रॉक्टर से खूब नोकझोंक भी हुई। प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने कहा कि धरना-प्रदर्शन से छात्रों को नहीं उठाया गया है। पुलिस के पास शरारती तत्व के हॉस्टल में होने का इनपुट था। पकड़े गए तीन छात्र हैं, जिन्हें छोड़ दिया गया हैै। एक युवक बाहरी है, उससे पूछताछ हो रही है।


सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि सोमवार को फैसल त्यागी के साथ हुई मारपीट को लेकर सिविल लाइंस थाने में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें एक प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से और दूसरा फैसल त्यागी से मारपीट के मामले में दर्ज है।

एमएम हॉल में इन मामलों से जुड़े आरोपियों के मौजूद होने की सूचना पर पुलिस प्रॉक्टोरियल टीम के साथ पहुंची थी। चार युवकों को कार्यालय लाया गया। जांच में तीन का मुकदमों से संबंध नहीं मिला, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया। चौथे युवक आरिज से पूछताछ की जा रही है। उधर, चार बजे यूनियन हॉल से मार्च निकला, जो डक पॉन्ड पहुंचा।



सरकार के साथ यूनिवर्सिटी का भी तानाशाही रवैया : हुजैफा
डक पॉन्ड पहुंचे छात्रसंघ के पूर्व सचिव हुजैफा आमिर रशीदी ने भी यूनिवर्सिटी प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लोकतंत्र का गला घोंट रही है। सरकार के साथ यूनिवर्सिटी भी तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दिल्ली में सरकार के लिए काम रहे हैं, जबकि यहां कुलपति के लिए ज्ञानेश कुमार की तरह काम रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रॉक्टर कार्यालय की जगह एएमयू थाना बना दिया जाए।
मैं भी आऊंगा एएमयू : प्रो. झा
सांसद प्रो. मनोज झा ने भी एएमयू में चल रहे आंदोलन को समर्थन दे दिया है। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिये यासिर फहद से बातचीत की है। प्रो. झा ने यासिर से कहा कि वह यूनिवर्सिटी स्वयं आएंगे या कामरेड जरूर आएंगे। यह मुद्दा हर फोरम पर उठाया भी जाएगा। जिंदाबाद रहो फहद, जल्द मुलाकात होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें