इटावा से ट्रेन निकलने के बाद जसवंत नगर में सिग्नल न मिलने पर ट्रेन की रफ्तार धीमी हो गई तो मोनू नीचे उतर गया और उसने पहले रेलवे के कंट्रोल रूम 139 व पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर जीआरपी को अलग- अलग दो नंबर से ट्रेन में बम और बंदूकधारी चार-पांच आतंकवादियों के होने की सूचना दी। इस बीच ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली और वह सवार नहीं हो सका। जीआरपी अफसरों का कहना है कि उसका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। उसने वैसे ही मजाक में फोन कर दिया था। वह सोचा था कि ट्रेन की चेकिंग होगी तो लोगों में डर फैलेगा और कोच खाली हो जाएगा।
रेलवे स्टेशन से लिए थे दोनों नंबर
मोनू ने बताया कि रेलवे का 139 नंबर उसे रेलवे स्टेशन पर लिखा मिला था। वहां से उसने अपने मोबाइल में दर्ज कर लिया था। यूपी पुलिस का 112 नंबर उसे पहले से पता था। लिहाजा उन दोनों नंबरों पर उसने फोन किया था। वह नहीं जानता था कि पुलिस उसे पकड़ लेगी। उसने बताया कि वह मजदूरी करता है। कभी किसी दुकान पर तो कभी राजमिस्त्री के साथ।