सीजीएसटी अधिनियम की धारा 61 और नियम 99 के तहत अधिकारी फर्मों के रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। पूरी प्रक्रिया में देखा जा रहा है कि घोषित बिक्री कर और देनदारी में कितना बड़ा अंतर है। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) में असामान्यताएं जैसे अधिक क्लेम आदि देखे जा रहे हैं। कम टैक्स देनदारी दिखाना या बार-बार देर से रिटर्न फाइल करना भी देखा जा रहा है।
अलीगढ़ जोन की सभी 20 हजार फर्मों की होगी जांच
इस बड़े फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद सीजीएसटी विभाग ने सख्ती करते हुए जोन की लगभग 20 हजार फर्मों की नए सिरे से व्यापक जांच शुरू कर दी है। इस जांच में लेनदेन, रिटर्न, वित्तीय और व्यावसायिक ट्रांजेक्शन आदि को शामिल किया गया है।
32,324 बकायेदारों पर वैट का 608 करोड़ बकाया
अलीगढ़ में सन 2017 से पांच हजार केस वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) के भी लंबित हैं। इसमें मुख्य रूप से बकाया न चुकाने और कुछ अन्य मामलों से संबंधित केस है। इसके अलावा अलीगढ़ जोन में वैट का 608 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। इसके लिए पूर्व में 32,324 बकायेदारों को आरसी जारी की गई थी। अब इन बकायेदारों पर भी नए सिरे से नोटिस भेजने की तैयारी है।