यूपी टीईटी का पेपर लीक करने के आरोपियों में शामिल गौरव टप्पल के हजियापुर गांव का रहने वाला है। वह लंबे समय से बन्नादेवी क्षेत्र के मैलरोज बाईपास इलाके में परिवार से अलग रहता था। वह काम धंधा क्या करता था, इसकी किसी को ज्यादा जानकारी नहीं थी। रविवार सुबह ही उसकी गिरफ्तारी की खबर परिवार को मिल गई। मेरठ एसटीएफ उसे अपने साथ ले गई है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक गौरव के पकड़े जाने की किसी भी स्तर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
बताया गया है कि गौरव को गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ मेरठ की टीम ने इनपुट मिलते ही यहां डेरा लिया था। एसटीएफ रात भर गौरव की तलाश कर रही थी। उसे टप्पल में देखा गया। मगर इनपुट मिला कि वह शहर में बन्नादेवी के मैलरोज इलाके में है तो सुबह ही उसे यहां से दबोच लिया गया। इसके बाद उसके पकड़े जाने की खबर परिवार तक पहुंच गई। अब वह यहां किसके साथ रहता था। किन लोगों के संपर्क में था। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। मेरठ पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है। अभी पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि अलीगढ़ में और कौन लोग उसके संपर्क में हैं। कितने लोगों का उसका नेटवर्क है। पूछताछ के बाद ही इन सवालों से पर्दा उठेगा। बता दें कि यह परीक्षा लीक होने के बाद व्हाट्सएप पर वायरल हुआ था। शामली में और मथुरा में पकड़े गए आरोपियों से पता चला था कि उन्हें यह पेपर गौरव से मिला है। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने गौरव को पकड़ा। इधर, एसटीएफ की एक टीम अभी उसके करीबियों व नेटवर्क के लोगों की तलाश में यहां डेरा डाले पड़ी है।
दरोगा भरती के सॉल्वर गैंग की तलाश भी जारी
अलीगढ़। दरोगा भरती परीक्षा के सॉल्वर गैंग के सरगना योगेंद्र सहित फरार छह साथियों की पुलिस टीमें लगातार तलाश रही हैं। अलग अलग छह राज्यों में टीमें डेरा डाले हैं। बता दें कि मेरठ एसटीएफ ने तीन दिन पहले यहां पुलिस भरती का सॉल्वर गैंग पकड़ा था। उसके सरगना सहित छह लोग फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही हैं। सीओ द्वितीय के अनुसार हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
एक ही तो नहीं दोनों का नेटवर्क
टीईटी पेपर लीक में पकड़े गए गौरव और दरोगा भरती में ऑनलाइन सॉल्वर गैंग के फरार सरगना योगेंद्र का नेटवर्क एक ही तो नहीं है। इस सवाल पर भी एसटीएफ टीम काम कर रही है।