अमरनाथ में बादल की घटना को टीवी पर देखते गूलर रोड निवासी प्रदीप के पिता विनोद और मां ओमवती व अन्य।
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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की घटना से अलीगढ़ में भी बेचैनी का माहौल है। उन परिवारों के लोग ज्यादा परेशान हैं, जिनके सदस्य वहां गए हुए हैं। हालांकि अभी तक किसी तरह कोई अप्रिय सूचना नहीं मिली है। सभी एक दूसरे के माध्यम से कुशलक्षेम लेने में लगे हैं। बता दें कि जिले से 650 से ज्यादा लोग अमरनाथ यात्रा पर गए हैं, जिनमें से करीब 200 लोग वापसी की तैयारी में हैं। एक जत्था सुबह अलीगढ़ पहुंच जाएगा।
अमरनाथ सेवा मंडल के स्थानीय उपाध्यक्ष पंकज वार्ष्णेय के अनुसार 29 जून से यात्रा शुरू हुई है। पहले दिन दो बसें यहां से गई थीं और फिर 2 जून को चार चौपहिया वाहनों में लोग गए थे। इस तरह पहले जत्थे में करीब 200 लोग गए थे, वे वापसी में हैं। सभी से बात हो गई है। सुबह तक अलीगढ़ पहुंच जाएंगे। इसके अलावा 450 लोग क्रम वार जा रहे हैं। अब तक वहां करीब 650 लोग गए हैं। अभी तक किसी तरह की कोई अप्रिय सूचना नहीं है। सेवा मंडल के अजय जलेसरिया, आलोक, भारत, राजा, मनीष, राजेंद्र चाचा सहित दर्जन भर लोग अमरनाथ भवन के पास ही भंडारा शिविर लगाए हुए हैं। इनमें से कुछ लोग भवन के पास हैं, जबकि कुछ लोग भवन से पहले व बालटाल पर हैं। सभी से बातचीत हो गई है। सेवा मंडल के सभी लोग वहां सुरक्षित हैं। किसी तरह की अप्रिय सूचना नहीं मिली है।
कुछ लोग जरूर ऐसे, जिनसे संपर्क नहीं
इस यात्रा में कुछ लोग जरूर ऐसे हैं, जिनसे परिवारों का संपर्क नहीं हो रहा। माना जा रहा है कि तकनीकी कारणों से संपर्क नहीं हो रहा होगा। अमरनाथ व बालटाल में मौजूद सेवा मंडल के पदाधिकारयों के अनुसार, अभी तक अलीगढ़ से जुड़े किसी व्यक्ति के विषय में कोई अप्रिय सूचना नहीं मिली है। महानगर के गूलर रोड के प्रदीप वार्ष्णेय व उनकी पत्नी गए हुए हैं। यहां उनके सास-ससुर आदि घर में बेचैन हैं। ज्यादातर लोग टीवी पर व संचार माध्यमों से संपर्क में हैं।
हमारे सभी लोग सुरक्षित, हम वापस आ रहे
मानिक चौक के रंजीत शर्मा सबसे पहले जत्थेदार हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक की जानकारी के अनुसार हमारे शहर के सभी लोग सुरक्षित हैं। हम लोग रास्ते में हैं और वापस आ रहे हैं। मगर हम वहां अपने लोगों से संपर्क में हैं।