सांसद सतीश गौतम के फर्जी पत्र से प्रदेश के मुख्य सचिव व नगर विकास विभाग में अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त के खिलाफ शिकायत कर सनसनीखेज आरोप लगाए गए हैं। इस पत्र के आधार पर जांच भी शासन से मंडलायुक्त को भेजी गई और मंडलायुक्त ने एडीएम सिटी को जांच का जिम्मा सौंप दिया है। वहीं, जब यह जानकारी सांसद को मिली तो उन्होंने साफ कहा कि ऐसा कोई पत्र उन्होंने अपर नगर आयुक्त के खिलाफ नहीं लिखा है। उनके पत्र पर कूटरचित तरीके से शिकायत की गई है। उन्होंने मुख्य सचिव को इस संबंध में पत्र लिखा है और मुकदमा कराने की तैयारी की है।
सांसद सतीश कुमार गौतम के हस्ताक्षरयुक्त उनके लेटर हेड पर 3 मई को मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया, जिसमें कथित तौर पर अपर नगर आयुक्त पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिसमें कहा गया कि अरुण कुमार गुप्त 2019 से अलीगढ़ में तैनात हैं। इनके द्वारा आउटसोर्स पर कर्मी व सफाई कर्मी की भर्ती के नाम पर 50-50 हजार रुपये प्रति कर्मी एडवांस वसूला जा रहा है। सफाई कर्मचारी को सेनेटरी सुपरवाइजर बनाए जाने के लिए एक-एक लाख रुपये वसूला जा रहा है। गोशाला से हर दिन पांच किलो दूध अपने घर ले जाया जा रहा है। एटूजेड़ कंपनी से लाखों रुपया प्रतिमाह वसूला जाता है, जिसके बदले फर्जी कूड़ा उठान के नाम पर बिला लगाकार भुगतान होता है। नुमाइश में सफाई का कार्य नगर निगम के संशोधनों से किया गया और नुमाइश फंड से से प्राप्त धन को फर्जी बिल बनाकर भुगतान कर लिया। वर्कशाप में डीजल के फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपया महीने हड़पा जा रहा है। इस पत्र की प्रति नगर विकास विभाग व मंडलायुक्त को भी भेजी गई। शासन स्तर पर इस शिकायत को गंभीरता से लिया गया और जांच मंडलायुक्त को भेजी गई। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने शासन से आई शिकायत व जांच के विषय में स्वीकारा गया कि उन्होंने यह जांच एडीएम सिटी को सौंपी है।
स्कैन किए गए हस्ताक्षर, मुकदमा कराऊंगा
सांसद सतीश गौतम ने बताया कि उन्हें इस पत्र की जानकारी मिल गई है। उन्होंने पत्र की जानकारी मिलने पर 22 जून को मुख्य सचिव को अपनी ओर से पत्र लिखा है, जिसमें साफ लिखा है कि मेरे हस्ताक्षर स्कैन कर कूटरचित तरीके से लेटर हेड तैयार कर शिकायत की गई है। मैंने ऐसी कोई शिकायत अपर नगर आयुक्त के खिलाफ नहीं की है। यह शिकायत असत्य व निराधार है। सांसद ने कहा कि इस मामले में वे मुकदमा दर्ज कराएंगे।
- यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। सांसद स्तर से कोई शिकायत नहीं की गई है। वे खुद स्वीकार रहे हैं और उन्होंने अपनी ओर से शिकायत का खंडन करते हुए पत्र भेजा है। किसी ने जानबूझकर यह साजिश रची है।
- अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त