प्रो. सलीम अनवर खान ने बताया कि अंडर वाटर व्हीकल डिवाइस के जरिये न केवल समुद्र की निगरानी होगी, बल्कि पानी की गुणवत्ता की भी जांच की जा सकेगी। जलचरों के पानी मुफीद है या नहीं। उसका तापमान कितना है, उसके बारे में जानकारी मिलेगी। कहीं पड़ोसी देश पानी के अंदर से किसी उपकरण के जरिये देश की मुखबिरी तो नहीं कर रहे हैं, उसके बारे में भी अंडर वाटर व्हीकल डिवाइस बता देगी। हाल ही में ओसनग्राफी इंस्टीट्यूट गोवा ने समुद्र की निगरानी के लिए सात करोड़ रुपये की मशीन खरीदी है।
उन्होंने एएमयू में बनी डिवाइस रक्षा मंत्रालय को भेजने की तैयारी है, क्योंकि इस डिवाइस की लागत करीब आठ लाख रुपये आई है। इससे समुद्र की निगरानी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी टीम सिंगापुर में 14-17 मार्च तक होने वाले सिंगापुर ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल चेलैंज (एसएयूवीसी) प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी। देश से 16 और यूपी से दो टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें एएमयू और आईआईटी कानपुर की टीम शामिल है।
ये हैं टीम में
अंडरवाटर व्हीकल बनाने में छात्र यूसुफ हसन, इस्फार अहमद शेरवानी, ताबिश अहमद, ईजाद हम्दान, मोहम्मद रय्यान खान, अम्मार बारी, अफ्फान खान, हर्ष अवस्थी, सिदरा वजीह, सबीह अहमद खान, अदनान जफर, असना फातिमा, जव्वाद जमाल खान, हमजाह हैदर हैं।