क्वार्सी क्षेत्र के बेगमबाग/चंदनिया इलाके से वर्ष 2005 में युवती को अगवा कर हत्या के मामले में तीन आरोपियों को सजा सुनाई गई है। मिशन शक्ति अभियान के तहत सुनाए गए फैसले में दो आरोपियों को उम्रकैद व एक को दस साल कैद की सजा व जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला एडीजे फास्ट ट्रैक द्वितीय के न्यायाधीश अनुपम सिंह के न्यायालय से सुनाया गया है।
अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता एडीजीसी जीतू वार्ष्णेय के अनुसार, चार फरवरी 2005 को गांव पानखानी से सटे ईंट-भट्ठों के गड्ढों में युवती की लाश मिली थी। पोस्टमार्टम में हत्या की बात स्पष्ट होने पर मुकदमा दर्ज किया गया। युवती के शव की पहचान 14 फरवरी को उसके भाई जितेंद्र ने अपनी 25 वर्षीय बहन दया के रूप में की। साथ ही बताया कि उसे उसके यहां दूध लेने आने वाला व्यक्ति ले गया था और उसी ने हत्या की है। उसके साथ दो अन्य लोगों के नाम बताए। पुलिस ने मामले में बच्चू निवासी कमरपुर बनिया ढेर संभल हाल निवासी चंदनिया, धर्मेंद्र निवासी धनीपुर गांधीपार्क व रामजीलाल निवासी रावणटीला को आरोपी बनाकर चार्जशीट दायर की। न्यायालय में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर आरोपी बच्चू व धर्मेंद्र को अपहरण, हत्या व साक्ष्य मिटाने का दोषी करार देकर उम्रकैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं रामजीलाल को अपहरण में 10 साल व 5 हजार रुपये से दंडित किया है।