गांव में एक साथ हुई दो युवकों मौत से आक्रोश पनप गया। परिजन और ग्रामीण जाम लगाकर हंगामा करने लगे। हंगामा सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक चलता रहा। बाद में उपजिलाधिकारी कोल महिमा राजपूत और क्षेत्राधिकारी बरला गर्वित सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से घटना की जानकारी ली। परिजनों ने अधिकारियों को बताया कि थाना पुलिस की कार्यप्रणाली बेहद असंवेदन पूर्ण थी। पुलिस ने परिजनों से बात तक नहीं की और उन्हें एक गाड़ी में डालकर ले गए हैं।
रंजिश में कुचलकर हत्या का भी आरोप
मृतकों के परिजन चालक पर रंजिश के चलते युवकों की ट्रैक्टर से कुचल कर हत्या का आरोप भी लगा रहे थे। परिजनों और ग्रामीणों ने अधिकारियों से मांग की कि आरोपी ट्रैक्टर चालक को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। परिजनों को मुआवजा दिलाया जाए। घटना के संबंध में सीओ गर्वित सिंह का कहना है कि दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
बबलू ने चार मासूम बच्चे और पत्नी को बिलखते छोड़ा
मृतक बबलू के भाई अवतार ने बताया है तीन भाइयों में बबलू सबसे बडा था, उसने अपने पीछे पत्नी संतोषी व और चार बच्चों 12 वर्षीय सोनम, 10 तान्या, तीन वर्षीय गुनगुन और एक वर्षीय भोला को बिलखते छोड़ा है। आलोक अपने पांच भाइयों में चौथे नंबर का और अविवाहित था।