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एएमयू के बवाल में दो की जान गई

Mon, 25 Apr 2016 02:18 AM IST
अलीगढ़/ब्यूरो
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एएमयू - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शनिवार रात हुए बवाल में छात्र गुटों की फायरिंग में गोली से जख्मी दो पूर्व छात्रों की मौत हो गई। वहीं रविवार को दिन भर कैंपस में तनाव व दहशत का माहौल बना रहा। हालात के मद्देजनर कैंपस अंदर व बाहर से पुलिस-आरएएफ के पहरे में रहा। अधिकारी दिन भर कैंपस में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते हुए आगे की रणनीति बनाने में जुटे रहे। हत्या, बवाल, आगजनी, फायरिंग में अब तक सिविल लाइन थाने में 13 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। बवाल में छात्रों की फायरिंग पथराव में एक  दरोगा व एएमयू बुल (सुरक्षाकर्मी) भी जख्मी हुआ है। इधर कुलपति ने दोनों मृत पूर्व छात्रों को एएमयू छात्र होने से ही नकार दिया है।
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एएमयू के मुमताज हॉल में शनिवार रात मुरादाबाद के छात्र मोहसिन संग मारपीट व उसके कमरे में तोड़फोड़ आगजनी के बाद हुए बवाल में छात्र गुटों में प्रॉक्टर ऑफिस पर जमकर फायरिंग हुई थी। इस फायरिंग में मेहताब खान पुत्र मो. फिरोज खान निवासी बारा गाजीपुर (एमपीएड का निलंबित छात्र) व मो. वाकिफ पुत्र मो. आरफीन अंसारी मूल निवासी हसनपुर थाना बड़रिया जिला सीवान बिहार हाल निवासी तैयब कॉलोनी सरसैयद नगर सिविल लाइंस (12वीं कर चुका छात्र) गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। मेहताब की पीठ से घुसी गोली ने हृदय बुरी तरह से क्षतिग्रस्त किया था, जिसे तड़के साढ़े तीन बजे मेडिकल कॉलेज में ही मृत घोषित कर दिया गया। वहीं वाकिफ को सिर में गंभीर चोट होने के कारण सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया था। मगर उसे भी बचाया नहीं जा सका और दुपहर में परिजन उसके शव को भी मेडिकल कॉलेज वापस ले आए। मेहताब के शव का तड़के ही पोस्टमार्टम कराने के बाद शव गाजीपुर भेज दिया गया, जबकि वाकिफ के शव का देर शाम पोस्टमार्टम कराया जा रहा था।
इससे पहले तड़के साढ़े तीन बजे जब जेएन मेडिकल कॉलेज में जब मेहताब को मृत घोषित किया गया तो वहां छात्रों ने बीटेक की परीक्षा न होने देने का ऐलान कर दिया। मगर वहां मौजूद वीसी व डीआईजी ने जैसे-तैसे छात्रों को समझाकर शांत किया और कहा कि पहले पोस्टमार्टम कराओ। इसके बाद उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। तब जाकर माहौल शांत हुआ। इधर, रविवार सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी, आरएएफ की तैनाती कैंपस के अंदर व बाहर कर दी गई। बवाल की खबर पर रात को ही लखनऊ से रवाना हुए डीएम-एसएसपी तड़के यहां पहुंच गए। दिन में एएमयू वीसी, डीआईजी, कमिशभनर, डीएम-एसएसपी ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था देखी। इस बवाल आगजनी में प्रॉक्टर कार्यालय, डीएसडब्ल्यू कार्यालय में भारी नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन व एएमयू इंतजामिया की ओर से पूरे घटनाक्रम से राज्य व केंद्रीय गृह मंत्रालयों को अवगत कराया गया है। देर शाम तक अधिकारी इस मंत्रणा में जुटे थे कि अब आगे माहौल न बिगड़े। साथ ही बवाल के आरोपियों पर भी शिकंजा कसा जा सके।
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एएमयू के छात्र गुटों की आपसी फायरिंग में दो  मौत हुई हैं। फिलहाल कैंपस में शांति है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आगे की हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पहला प्रयास कैंपस में कानून व्यवस्था कायम रखना है। इसके साथ ही आरोपियों की धरपकड़ के लिए प्रयास रात से ही शुरू किए जा रहे हैं। हत्या के मुकदमों के नामजदों को जेल भेजना पहली प्राथमिकता होगी।
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-जे रविंदर गौड़ एसएसपी
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