ग्राहक का फर्जी आधार कार्ड बनाने, फर्जी नाम व पता परिवर्तित करने के लिए सबसे पहले पोर्टल पर नेटिव एक्स एप की मदद से जानकारी भरकर फर्जी जन्म-मृत्यु, निवास व आय प्रमाणपत्र अपलोड कर आवेदन कर देते थे। कुछ समय बाद ही ग्राहक का फर्जी प्रमाणपत्र बनकर तैयार हो जाता था।
अलीगढ़ के थाना जवां पुलिस ने 13 जनवरी को फर्जी आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु समेत अन्य प्रमाणपत्र बनाने वाले दो जनसेवा केंद्र संचालकों को गिरफ्तार किया है। इनका एक साथी फरार है। आरोपी मोटी रकम लेकर फर्जी प्रमाणपत्र बनाते थे। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में बने, अधबने प्रमाणपत्र बरामद करने का दावा किया है।
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एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने मंगलवार को पुलिस लाइन में घटना के खुलासे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 12 जनवरी को थाना जवां पर फर्जी आधार कार्ड व जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का आरोप लगाते हुए एक पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच व विवेचना के बाद थाना अतरौली क्षेत्र के नगला बंजारा नाथपुर निवासी विक्की कुमार व तीरथ का नाम प्रकाश में आया। आरोपी अतरौली में जनसेवा केंद्र चलाते थे। इन दोनों को फर्जी आधार कार्ड व जन्म-मृत्यु समेत अन्य प्रमाणपत्र बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। तीसरा साथी लक्की राजपूत निवासी डिबाई, बुलंदशहर फरार हो गया।
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एसपी सिटी के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि संबंधित ग्राहक का फर्जी आधार कार्ड बनाने, फर्जी नाम व पता परिवर्तित करने के लिए सबसे पहले पोर्टल पर नेटिव एक्स एप की मदद से जानकारी भरकर फर्जी जन्म-मृत्यु, निवास व आय प्रमाणपत्र अपलोड कर आवेदन कर देते थे। कुछ समय बाद ही ग्राहक का फर्जी प्रमाणपत्र बनकर तैयार हो जाता था, इसके बाद वह जनसेवा केंद्र की मोहर लगाकर ग्राहक को देते थे। इसके बदले ग्राहक से तय रकम लेते थे। एसपी सिटी ने बताया कि फर्जी तरीके से प्रमाणपत्र बनवाकर उनका उपयोग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए तो नहीं किया गया है, इसकी जांच की जा रही है।
ये हुआ बरामद
आरोपियों के पास से एक लैपटाॅप, की-बोर्ड, माउस, प्रिंटर, फिंगरप्रिंट स्कैनर, आयरिश स्कैनर, वेब कैमरा, मोहर, यूएसवी पोर्ट, 39 अवैध प्रिंट आउट, एक मोबाइल फोन, 18 आधार कार्ड टोकन आदि बरामद हुए हैं।