13 अक्तूबर को डॉ. आस्था अग्रवाल का शव घर में फंदे पर लटका मिला था। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया था कि यह हत्या डॉ. आस्था के पति अरुण अग्रवाल ने जवां निवासी विकास, पवन, अशोक आदि की मदद से कराई थी।
अलीगढ़ के एडीजे प्रथम न्यायालय में क्वार्सी क्षेत्र के बहुचर्चित मेडिकल ऑफिसर डॉ. आस्था अग्रवाल हत्याकांड में ट्रायल शुरू हो गया है। इस मामले में वादी डॉ. आस्था की बहन आकांक्षा की गवाही पूरी हो गई। कोविड काल में ऑक्सीजन प्लांट को लेकर डॉ. आस्था काफी चर्चा में रही थीं।
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घटनाक्रम 12 अक्तूबर 2021 की रात का है। 13 अक्तूबर को डॉ. आस्था अग्रवाल का शव घर में फंदे पर लटका मिला था। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया था कि यह हत्या डॉ. आस्था के पति अरुण अग्रवाल ने जवां निवासी विकास, पवन, अशोक आदि की मदद से कराई थी। दंपती के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। अरुण ने कासिमपुर पावर हाउस स्थित ऑक्सीजन प्लांट के कर्मचारियों को सुपारी दी थी।
आरोपी अरुण के साथ ही घर आए। अरुण बच्चों को दूसरे कमरे में ले गया। फिर चारों ने डॉ. आस्था की गला घोंटकर हत्या की और आत्महत्या दर्शाने के लिए शव वाशिंग एरिया में झूले की रस्सी का फंदा बनाकर वेंटिलेशन जाल पर लटका दिया। इसके बाद अरुण बच्चों को बहाने से अपने साथ ले गया। आकांक्षा ने रिपोर्ट में अरुण के भाई को भी आरोपी बनाया था। न्यायालय में सत्र परीक्षण शुरू कराते हुए अभियोजन पक्ष ने वादी की गवाही पूरी कराई है। उनसे आरोपियों के अधिवक्ताओं ने भी जिरह की। एडीजीसी जेपी राजपूत ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अगले गवाह को तलब किया जा रहा है।