प्रेमवीर ने किसी बात पर घर में फंदा लगा लिया। परिजन उसे लेकर पहले जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन वहां हड़ताल के चलते भर्ती नहीं किया गया। वहां से परिजन उन्हें पंडित दीन दयाल संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे। यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
15 जून को जेएन मेड़िकल कॉलेज में हड़ताल के चलते किशोरी सहित तीन लोगों को उपचार नहीं मिल पाया। परिजन यहां से इन्हें लेकर दीन दयाल अस्पताल पहुंचे, यहां भर्ती कर चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उपचार के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया।
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डोरीनगर एटा चुंगी निवासी प्रेमवीर (21) ने किसी बात पर घर में फंदा लगा लिया। परिजन उसे लेकर पहले जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन वहां हड़ताल के चलते भर्ती नहीं किया गया। वहां से परिजन उन्हें पंडित दीन दयाल संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे। यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके अलावा रायपुर देहली में भी एक 16 वर्षीय किशोरी ने फंदा लगा लिया। डीडीयू में इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
गंगीरी के बुढ़ासी बुजुर्ग में संजय करंट लगने से झुलस गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए दीन दयाल अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उनकी मौत हो गई। तीनों के परिजन पहले उन्हें लेकर जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे, वहां से दीन दयाल अस्पताल लाए थे। परिजनों का कहना था कि मेडिकल कॉलेज में समय पर उपचार मिल जाता तो इनकी जान बच सकती थी।