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Aligarh Traffic: सिपाही के हाथ में होगा रिमोट, जरूरत के हिसाब से संचालित कर सकेगा ट्रैफिक सिग्नल

Fri, 20 Mar 2026 12:46 PM IST
Chaman Kumar Sharma अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

हालांकि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का पूरा सिस्टम आई ट्रिपल सी से एआई बेस्ड है और वहीं से कंट्रोल होता है। एक फाइबर वायरिंग इसके लिए पहले से बिछी हुई है। मगर अब इसी में एनसीआर की तर्ज पर यह सुविधा जाेड़ी जाएगी।
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तस्वीर महल व तालानगरी पर ट्रैफिक सिग्नल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ शहर की यातायात व्यवस्था सभी प्रमुख सड़कों, चौराहों व ओवरब्रिज आदि का निर्माण पूरा होने के बाद ही सुधर सकेगी। मगर फिलहाल आने वाले कुछ दिनों में शहर के ट्रैफिक लाइट व सिग्नलों में एक बदलाव जरूर किया जा रहा है कि इन लाइटों व सिग्नलों का संचालन चौराहे पर तैनात ट्रैफिककर्मी वहां की जरूरत के अनुसार कर सकेगा। पिछले दिनों विधान परिषद समिति के समक्ष यह मुद्दा उठने के बाद यातायात पुलिस व स्मार्ट सिटी द्वारा इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। संकेत हैं कि एनसीआर आधारित एआई आधारित रिमोट सिस्टम वाली यह सहूलियत आने वाले दिनों में चौराहों पर मिलने लगेगी।

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विधान परिषद की समिति के समक्ष मुद्दा उठा था कि शहर के चौराहों पर लगी लाइटों में लाल, हरी या पीली बत्ती का समय तय नहीं है। कहीं जरूरत दस सेकंड की है तो वहां 20 सेकंड का समय कर रखा है और जहां जरूरत 20 सेकंड की है तो दस सेकंड का समय तय कर रखा है। ऐसे में चौराहों पर यातायात समस्या बन जाती है। इस समिति के निर्देश के बाद यातायात पुलिस स्तर से शहर में एक सर्वे किया गया। जिसमें यह पाया गया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत परियोजना शुरू होने के समय कुल 38 लाइटें लगवाई गई थीं। जिनमें से 17 वर्तमान में चालू अवस्था में हैं। इन 17 में कुछ अस्थायी तौर पर निर्माण के चलते बंद कर रखी हैं। बाकी बंद लाइटें या अलग अलग कारणों से या तो बंद कर दी गईं या फिर हटवा दी गईं। 

हालांकि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का पूरा सिस्टम आई ट्रिपल सी से एआई बेस्ड है और वहीं से कंट्रोल होता है। एक फाइबर वायरिंग इसके लिए पहले से बिछी हुई है। मगर अब इसी में एनसीआर की तर्ज पर यह सुविधा जाेड़ी जाएगी, जिसमें किसी एक दिशा के दो या तीन प्रमुख चौराहों पर तैनात यातायातकर्मी उन लाइटों का एआई बेस्ड रिमोट से जरूरत के अनुसार संचालन कर सके। इस दिशा में बहुत जल्द शुरुआत के संकेत हैं। एसएसपी नीरज जादौन बताते हैं कि विधान परिषद की समिति के समक्ष विषय उठा था। इसी क्रम में यातायात पुलिस व स्मार्ट सिटी इस दिशा में प्रयासरत हैं।

यातायात संबंधी बहुत कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर शुक्रवार को बैठक होनी है। जिसमें कुछ बाजारों में वन-वे प्लान भी है। उसी में सभी बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।-प्रेमप्रकाश मीणा, नगर आयुक्त

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ये लाइटें फिलहाल संचालित
सूत मिल, रसलगंज, कंपनी बाग, दुबे का पड़ाव, किशनपुर, तस्वीर महल, तहसील तिराहा, मैरिस रोड, एएमयू सर्किल, सेंटर प्वाइंट, दोदपुर, कलेक्ट्रेट, गांधीआई तिराहा, नादा चौराहा, कबर कुत्ता, केला नगर, गांधीपार्क। (नोट:-इनमें कुछ लाइटें फिलहाल निर्माण कार्य के चलते अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।)

ये बदलाव प्रस्तावित
अब तक सभी ट्रैफिक लाइटें आई ट्रिपल सी से संचालित होती हैं। अगर किसी विशेष कारण से या किसी दिशा में वाहन अधिक होने पर ट्रैफिक लाइट का समय बदलवाना हो या जरूरत पर लाइट बंद ही करानी हो तो यातायातकर्मी को आई ट्रिपल सी को सूचना देनी होती है। इनमें कुछ चौराहे ऐसे भी हैं जो अतिक्रमण या किसी अन्य समस्या की जद में हैं। वहां लाइट के बावजूद यातायात कर्मी जरूरी होता है। इसलिए एआई आधारित रिमाेट से ट्रैफिक बीटवार सिपाहियों को लाइट संचालन देना प्रस्तावित है। ताकि मौके पर जाम या किसी समस्या आने पर यातायात कर्मी खुद मौके की जरूरत के अनुसार लाइट का समय परिवर्तित कर सके और बंद चालू कर सके।

शहर में 400 ऑटो-टिर्री पर लगवाया फोटो युक्त पहचान बोर्ड
ऑटो-टिर्री में यात्रियों संग अपराध की समस्या से निपटने के लिए एसएसपी नीरज जादौन द्वारा सभी ऑटो टिर्री में चालकों के फोटो, पहचान व परिचय युक्त पहचान बोर्ड लगवाने का अभियान शुरू कराया गया है। इस अभियान के तहत पिछले चार दिन में 400 करीब ऐसे वाहनों पर पहचान बोर्ड लगवा दिए गए हैं। एसपी यातायात प्रवीन कुमार बताते हैं कि पंद्रह दिन तक यह अभियान चलना है। इसके बाद अगर कोई ऑटो टिर्री बिना पहचान बोर्ड के चलता पाया गया तो उस पर कार्रवाई होगी। उसे चलने नहीं दिया जाएगा।
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