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आगरा रोड पर फिर जाम, फंसी रही एंबुलेंस

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मदारगेट आगरा रोड पर जाम में फंसी एम्बुलेंस - फोटो : CITY OFFICE
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शहर की यातायात व्यवस्था का भगवान ही मालिक है। घंटों जाम में लोग फंसे रहते हैं। यहां तक की एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहती हैं, चौराहों पर तैनात यातायात कर्मियों व वाहन चालकों को उसका सायरन भी नहीं सुनाई देता है। देरी होने से एंबुलेंस में सवार गंभीर रूप से बीमार या घायल व्यक्ति की जान भी खतरे में पड़ जाती है। बीते दिनों आगरा रोड में लगे जाम में फंसकर हार्डवेयर कारोबारी की बीमार बिटिया की मौत हो गई थी। इसके बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। रविवार को भी यहां जाम लगा रहा।
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आगरा रोड पर मदारगेट के समीप रविवार को एंबुलेंस जाम में फंस गई और काफी समय तक फंसी रही। यह एक दिन की समस्या नहीं है। शहरवासी वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। किसी को फर्क नहीं पड़ता है। आगरा रोड, रेलवे रोड, मामू भांजा, बारहद्वारी, महावीरगंज, फूल चौराहा, जयगंज, मदारगेट, हाथरस अड्डा, दूबे का पड़ाव, गांधी पार्क बस स्टैंड सहित पुराने शहर में लोग घर से बाहर निकलते समय भगवान से जाम से बचाए रखने के लिए प्रार्थना करते हैं। किसी बीमार को अस्पताल पहुंचाना हो तो भगवान ही सहारा है। जाम से प्रभावित क्षेत्रों का व्यापार चौपट होता जा रहा है। ग्राहक आने से कतराने लगे हैं।
स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम भी नहीं दिला पा रहा जाम से मुक्ति
करीब 100 करोड़ रुपये से शहर के चौक-चौराहों को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है। ट्रैफिक लाइटें लगाई जा रही हैं ताकि लोगों को जाम से मुक्ति मिले और बिना समय गंवाए एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचा जा सके। लेकिन इस स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की असली परीक्षा स्कूल खुलने के बाद होगी। सड़क पर सामान्य से कम भीड़ होने के बावजूद स्मार्ट सिस्टम हांफ रहा है और चौराहों पर जाम लगा रहता है।
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कोल विधान सभा क्षेत्र के विधायक अनिल पाराशर कहते हैं कि चौक-चौराहों पर लेफ्ट टर्न का इंतजाम किए बिना सुचारू यातायात व्यवस्था की कल्पना बेमानी है। यातायात नियमों के अनुसार लेफ्ट टर्न जायज है। ऐसा न होने से जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। क्वार्सी चौराहा, एटा चुंगी चौराहा और सारसौल चौराहा आदि पर इसका प्रयोग कर अनुभव लिया जा सकता है। नगर निगम के अधिकारी मुख्य सड़क के बदले गलियों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहे हैं। एक भी ऐसा चौराहा चिन्हित नहीं किया है, जहां 100 मीटर के दायरे में नो पार्किंग की चेतावनी लगी हो। जाम से मुक्ति के लिए प्रशासन एवं जनता को कड़े फैसले लेने होंगे।
विधायक संजीव राजा कहते हैं कि पुराने शहर में ई-रिक्शा को प्रतिबंधित किए बिना काम चलने वाला नहीं है। साथ ही नगर निगम को पार्किंग के लिए जगह चिन्हित करनी होगी। व्यस्त बाजार को नो पार्किंग जोन घोषित करना होगा। उन्होंने कहा कि एसपी यातायात इस विषय पर काम कर रहे हैं। नए साल में जाम की समस्या से निजात मिल जाने की उम्मीद है। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त का कहना है कि सड़कों का चौड़ीकरण हो रहा है। अतिक्रमण हटाने के लिए रोज काम हो रहा है। सिग्नल पर टाइमिंग कम दिए जाने से जाम लगने की शिकायत सामने आ रही है। इसे दिखवाया जाएगा और एडजस्ट किया जाएगा।
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