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आज पहला रोजा, चांद दिखने की गवाही पर शहर मुफ्ती ने लगाई मुहर  

Thu, 17 May 2018 02:48 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
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पाक माह रमजान का चांद दिखने पर उस्मान पाड़ा में दुआ करती युवतियां। - फोटो : Amar Ujala
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रमजान का पहला रोजा जुमेरात को होगा। चांद दिखने की गवाही पर शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने अपनी रजामंदी की मुहर लगा दी। ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद के गुंबद पर लगे बल्ब को रोशन कर दिया गया। इस बल्ब के जलने का मकसद है कि चांद दिख गया है। अगले दिन से रोजा है।
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चांद के दिखने और न दिखने को लेकर ऊपरकोट सहित मुस्लिम इलाकों में शाम (मगरिब) सात बजे से ही भीड़ मस्जिद के आसपास जुटने लगी थी। हर किसी की नजर आसमान पर थी। मगर, किसी को चांद नजर नहीं आया। दूसरे शहरों में चांद दिखने की गवाही पर शहर मुफ्ती ने रात करीब 9:15 बजे बल्ब जलाने को कहा। चूंकि नमाज पढ़ी जा रही थी, इसलिए सायरन नहीं बजाया गया। जुमेरात को पहला रोजा होने का एलान कर दिया गया। मस्जिदों में तरावीह शुरू हो गई। चांद का दीदार होते ही ऊपरकोट, रेलवे रोड, शमशाद मार्केट, सिविल लाइंस में बाजार गुलजार हो गया। खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। सूत फेनी, सिवई, दूध की जमकर बिक्री हुई। विशेष डबल रोटी बिकनी शुरू हो गई। 

रोजे में बुराइयों से दूर रहना
रमजान में रोजे को अरबी में सोम कहते हैं, जिसका अर्थ ‘रुकना’ है। रोजा यानी तमाम बुराइयों से परहेज करना भी है। मुसलमान रोजा रखता है, तो उसके दिल में भूखे व्यक्ति के लिए हमदर्दी पैदा होती है। मस्जिदों में तरावीह शुरू हो गई। इस्लाम में मुसलमान का मायना बताया गया है। मुसलमान होना ही काफी नहीं, बल्कि बुनियादी पांच चीजों को जिंदगी में उतारना भी जरूरी है। पहला कलमा, दूसरा नमाज, तीसरा रोजा, चौथा जकात, पांचवां हज। 
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रमजान में सहरी और इफ्तारी के वक्त होगी जल आपूर्ति

रमजान पर बेहतर व्यवस्थाओं के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। बुधवार को नगर आयुक्त ने ईदगाह कमेटी और जामा मस्जिद कमेटी के सुझावों को सुना और भरोसा दिलाया कि बेहतर से बेहतर व्यवस्था होगी। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने बताया कि सहरी में 2:30 से 4:30 और  इफ्तार में 5 बजे से 7 बजे तक पानी की आपूर्ति मिलेगी। सुबह 7 बजे से 10 बजे और शाम को तीन बजे से 6 बजे के बीच सफाई होगी। 30 दिन नगर निगम का कंट्रोल रूम तैयार रहेगा। इसके अलावा 150 सफाई कर्मचारी, 30 अधिकारियों की टीमें रमजान में शहर की व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगी। साथ ही शहर के धार्मिक स्थल और रास्तों पर भी सफाई रहेगी।

इसके लिए ईदगाह कमेटी के सदर हाजी सफुआ पहलवान, हाजी राशिद, गुलज़ार अहमद व यासीन पेंटर से अपने कार्यालय में विचार-विमर्श कर रमजान पर उनके सुझावों को जाना।  मुख्य कर निर्धारण अधिकारी मीडिया प्रभारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि नगर निगम कंट्रोल रूम 27 मई से रमजान समाप्त होने तक निरंतर कार्यशील रहेगा। ईदगाह सदर हाजी सफुआ पहलवान ने कहा कि 38 साल में 18 ईद और 18 बकरीद अभी तक उनके द्वारा करायी गई हैं और सभी में नगर निगम ने बेहतरीन काम किया है इस साल भी नगर निगम और ईदगाह कमेटी मिलकर अच्छा कार्य करेंगे। बैठक में गुलजार अहमद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिव कुमार, मुख्य अभियंता कैलाश सिंह, महाप्रबंधक शैलेंद्र पाठक, कर अधीक्षक अजीत राय आदि उपस्थित थे।

रमजान महीने के हैं   तीन हिस्से
रमजान इस्लामी महीने का नौवां महीना है। यह महीना इस्लाम के सबसे पाक महीनों में शुमार है। रमजान के महीने को और तीन हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से में दस-दस दिन आते हैं। हर दस दिन के हिस्से को ‘अशरा’ कहते हैं।
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