डीएस कॉलेज में टोपी व बुर्का पर प्रतिबंध लगाने को आवाज बुलंद करने वाले तीन छात्र नेताओं पर पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह मुकदमा अचल ताल चौकी इंचार्ज गोविंद की ओर से दर्ज कराया गया है। अब पुलिस जांच के आधार पर तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी कवायद करेगी। इधर, छात्र नेताओं ने इस मुकदमे को अभिव्यक्ति की आजादी पर बंदिश करार दिया है। कहा है कि उन्होंने कोई गलत मांग नहीं की है। प्रशासन ने एएमयू छात्र नेताओं के दबाव में आकर मुकदमा दर्ज किया है। अगर मुकदमा वापस नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
शुक्रवार को छात्र नेता अमित गोस्वामी, आदित्य पंडित और सोनू ठाकुर आदि ने धर्म समाज महाविद्यालय के मुख्य अनुशासन अधिकारी मुकेश भारद्वाज को ज्ञापन सौंप कहा था कि डीएस कॉलेज केवल मुस्लिम समुदाय का संस्थान मदरसा नहीं है, बल्कि यहां सभी धर्मों के छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं। कैंपस में ड्रेस कोड लागू होने के बावजूद कु छ मुस्लिम छात्र-छात्राएं टोपी व बुर्का पहनकर दूसरे धर्म के विद्यार्थियों के बीच अलगाववाद व असमानता को बढ़ावा देकर कॉलेज के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं, जो छात्रों व कॉलेज हित में नहीं है। यदि तीन दिन में कॉलेज प्रशासन ने कैंपस में बुर्का व टोपी पर पाबंदी नहीं लगाया तो हिंदू छात्र भी ड्रेस कोड को छोड़कर भगवा वस्त्र पहनकर कॉलेज आएंगे। छात्र नेता आदित्य पंडित ने कहा कि ड्रेस कोड लागू होने पर भी बुर्का व टोपी पर रोक के लिए कदम नहीं उठाए गए हैं।
इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो बड़े स्तर पर हिंदू छात्र आंदोलन करेंगे। इसी तरह वार्ष्णेय कॉलेज व टीकाराम कन्या महाविद्यालय में भी टोपी-बुर्का पर रोक की मांग करने का ऐलान किया था। इसके लिए कालेजों को तीन दिन के भीतर निर्णय लेने को कहा गया था। इस मामले में कुछ मुस्लिम छात्रों ने विरोध जताया था। मामला बढ़ता देख थाना गांधी पार्क पुलिस ने तीनों छात्र नेताओं के खिलाफ अचल ताल चौकी इंचार्ज गोविंद की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। गांधी पार्क इंस्पेक्टर के मुताबिक पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। जांच के आधार पर गिरफ्तारी आदि की कार्रवाई की जाएगी।
डीएस कॉलेज में धार्मिक वेशभूषा बुर्का और टोपी पर प्रतिबंध लगाने और ड्रैस कोड की मांग करने पर हमारे ऊपर मुकदमा दर्ज कराने की जानकारी मिली है, जो एएमयू छात्र नेताओं के इशारे पर की गई कार्यवाही प्रतीत होती है। हम प्रशासन से पूछना चाहते हैं कि क्या कॉलेज में लागू ड्रैस कोड के पालन करने की मांग करना गुनाह हैश् जब हिन्दू छात्र-छात्रायें कॉलेज में निर्धारित ड्रैस कोड का पालन कर सकते हैं तो किस विशेष नियम के तहत मुस्लिम छात्र ड्रैस कोड का पालन नहीं कर सकते। मुकदमा दर्ज की कार्यवाही हिन्दू छात्रों की मांग को दबाने का प्रयास है। सोमवार को एसएसपी से मुलाकात कर मुकदमा के आधार के विषय में वार्ता करेंगे। मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो मंगलवार से छात्र कैम्पस में आंदोलन करेंगे।
-अमित गोस्वामी, छात्र नेता डीएस कॉलेज
यह समान कानून का मुद्दा उठाने की सजा है। अब कोई कानून के पालन की मांग भी नहीं उठा सकता। प्रशासन ने हमारे ऊपर मुकदमा दर्ज करके यह साबित कर दिया है। हम प्रशासन से सवाल पूछते हैं कि जब ड्रैस कोड लागू है तो सभी पर उसका पालन क्यों नहीं होता।
-आदित्य पंडित, छात्र नेता