टॉप-10 अपराधी और हिस्ट्रीशीटर की जमानत प्रक्रिया में लापरवाही बरतना टप्पल थाने में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया। एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने पैरोकार के रूप में तैनात उपनिरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कराई गई है।
निलंबित पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक शगुन सोम, आरक्षी सचिन कुमार और विश्वनाथ शामिल हैं। आरोप है कि थाना खैर में दर्ज मुकदमे के अभियुक्त महावीर सिंह की जमानत के दौरान आवश्यक सत्यापन और संबंधित थाने से समन्वय में गंभीर लापरवाही बरती गई। महावीर को थाना खैर का हिस्ट्रीशीटर और टॉप-10 अपराधी बताया गया है।
विभागीय आदेश के मुताबिक जमानत के बाद अभियुक्त की रिहाई के लिए टप्पल क्षेत्र के रामदत्त और देवेंद्र को जमानतदार बनाया गया। आरोप है कि दोनों के पते और अन्य आवश्यक विवरण का समुचित सत्यापन नहीं कराया गया और थाना खैर से भी संपर्क नहीं किया गया। इसके बावजूद सरसरी तौर पर आख्या तैयार कर दी गई।
बताया गया है कि यह आख्या 14 सितंबर को न्यायालय में प्रस्तुत हुई और उसी दिन महावीर की रिहाई हो गई। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी समय से नहीं दी गई। इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए एसएसपी ने तीनों को निलंबित कर दिया। एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि निलंबन अवधि में तीनों पुलिसकर्मी रिजर्व पुलिस लाइन से संबद्ध रहेंगे। सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी। विभागीय जांच में आरोपों की विस्तृत पड़ताल की जाएगी।