कानपुर के बाद अब अलीगढ़ जिले में भी तीन-तीन विधायकों ने सीएमओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायकों का साफ कहना है कि शासन स्तर से तमाम सुविधा-संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बावजूद इसके जिले का स्वास्थ्य विभाग बदहाली से जूझ रहा हैं। हालात ये हैं कि जहां निजी लाभ दिखाई देता हैं, सीएमओ वहीं दिखाई देते हैं। अब इन तथ्यों को जल्द सीएम के समक्ष साक्ष्य सहित रखा जाएगा।
पूर्व की सरकारों में ट्रांसफर उद्योग चला करता था। मगर अब तीन वर्ष की ट्रांसफर नीति लागू कर रखी है। अधिकारी इस नीति का अनुचित लाभ उठाकर भ्रष्टाचार करते हुए सरकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी का नतीजा जिले का स्वास्थ्य विभाग झेल रहा है। मगर अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। अमर उजाला द्वारा जब स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर खबरें प्रकाशित की गईं थीं तब भी हमने सुधार के लिए कहा था। लेकिन हालात आज भी वैसे ही हैं।-अनिल पाराशर, विधायक कोल क्षेत्र
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जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की समस्या हर स्तर से सामने आती है। मरीजों से यह देखने सुनने में आता है कि सरकारी स्तर पर नहीं, अब निजी अस्पतालों का ही सहारा है। इसी के चलते सीएमओ स्तर से कई बार कहने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। अब मामले में सीएम तक के समक्ष साक्ष्य रखे जाएंगे। पिछले दिनों अमर उजाला ने सरकारी अस्पतालों से दलालों द्वारा मरीजों को भ्रमित करके निजी अस्पतालों में ले जाने का मुद्दा उठाया था। तब भी हमने बात की थी। लेकिन कहीं कोई कार्रवाई नहीं की गई।-मुक्ता संजीव राजा, विधायक शहर क्षेत्र
आए दिन सीएचसी इगलास से जुड़ी शिकायतों को लेकर सीएमओ स्तर से बात हुई। मगर उनके द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गई। इसी का परिणाम रहा कि हमको शिकायत करनी पड़ी। अब सीएम से मुलाकात कर आगे बात रखी जाएगी।-राजकुमार सहयोगी विधायक इगलास क्षेत्र
मेरा किसी से कोई निजी विवाद तो नहीं है। अगर किसी को कोई समस्या है तो वे बता सकते हैं। उसका समाधान कराया जा सकता है। बाकी सभी अपने अपने स्तर पर स्वतंत्र हैं।-डा.नीरज त्यागी, सीएमओ