इंजी सैयद वसीम अहमद व देवराज सिंह
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हर साल 24 हजार का मेंटेनेंस भी बड़ी समस्या
महंगी कॉलोनियों में घर या फ्लैट नहीं लेने की एक बड़ी वजह हर महीने वसूला जाने वाला मेंटेनेंस शुल्क है। जो इस वक्त लगभग 1500 से 2500 रुपये महीने तक पहुंच गया है। घर लेने वाला परिवार चाहता है कि वह इससे मुक्त रहे। सरकारी स्तर की योजनाओं में यह शुल्क देय नहीं होता है, इसलिए भी उन भवनों की मांग अधिक है।
ईडब्ल्यूएस के झंझट से बचने के लिए बनाते हैं छोटी कॉलोनी
अलीगढ़ में अधिकांश रियल एस्टेट कारोबारी चार हेक्टेयर से कम भूमि पर कॉलोनी बनाते हैं। इतने कम क्षेत्रफल में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी बनाने की शर्त लागू नहीं होती है, इसलिए सस्ते मकानों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। रियल एस्टेट कारोबारी ईडब्ल्यूएस और एलआईजी के झंझट में पड़ना ही नहीं चाहता, क्योंकि इसके आवंटन में भी कई सरकारी शर्तें लागू होती हैं और सिफारिशें लगती हैं।
समाधान : दस योजनाओं पर काम जारी
अलीगढ़। एडीए बोर्ड की बैठक में वीसी कुलदीप मीणा ने बताया कि इन्हीं सस्ते घरों की मांग को पूरा करने के लिए शहर में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर छोटी-छोटी आवासीय योजनाओं को विकसित किया जा रहा है ताकि इस मांग को पूरा किया जाए। जितना संभव होगा उतने सस्ते आवास बनाए जाएंगे। नगर निगम और जिला प्रशासन के सहयोग से खाली पड़ी सरकारी जमीन पर ऐसे ही योजनाएं लाई जाएंगी।
1-ग्रेटर अलीगढ़ योजना में 890 भूखंड बनेंगे। 19,640 वर्गमीटर में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी आवास बनेंगे। लेआउट मंजूर, काम आगे बढ़ रहा।
2-स्वर्णजंयती नगर विस्तार योजना में 450 नए फ्लैट बनेंगे। 250 फ्लैट आम लोगों के लिए, 200 पुराने आवंटियों के लिए रखे जाएंगे।
3-किशनपुर में छह हेक्टेयर में आवासीय योजना विकसित की जाएगी। इसमें कुछ दुकानें और कॉमर्शियल स्थान भी होगा।
4-बरौला जाफराबाद पर 90 करोड़ की लागत से सूत मिल हाईट्स प्रोजेक्ट का लेआउट जल्द मंजूर होगा। घरों की संख्या अभी तय नहीं है।
5-जमालपुर परियोजना को 25 करोड़ रुपये से विकसित किया जाएगा। ई-टेंडर जारी कर कार्यदेश जारी कर दिए गए हैं।
6-छेरत सुढियाल में आश्रय एकीकृत किफायती आवास टाउनशिप को लगभग आठ हेक्टेयर में विकसित किया जा रहा है।
7-नवीन स्थल चक मंजूरगढ़ी, महरावल और लेखराजपुर गांव की 10 हेक्टेयर भूमि पर सस्ते आवास बनाए जाएंगे।
8-बरौला जाफराबाद की ईडब्ल्यूएस कॉलोनी का पुनर्विकास होगा। 46 लाभार्थी परिवारों को नए घर दिए जाएंगे।
9-गभाना हाईवे के निकट गाटा संख्या 16,17, 22, 23, 29, 30, 31, 32, 52, 53 और 57 में होटल, शॉपिंग माल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और एडीए का जोनल कार्यालय बनेगा।
10-गुरसिकरनपुर के गाटा संख्या 703 पर लगभग एक हेक्टेयर में कैटल कॉलोनी विकसित की जाएगी।
भवनों की श्रेणी
- ईडब्ल्यूएस : लगभग 30 वर्गमीटर तक।
- एलआईजी : लगभग 30 से 45 वर्ग मीटर।
- एमआईजी : 90 वर्गमीटर या इससे अधिक।
- एचआईजी : 100 वर्गमीटर से बड़े भूखंड।