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Aligarh News: बीस फीट ऊंचे पुल से पिरामिड बनाकर गंगा में कूदे तीनों दोस्त

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गांव आलमपुर निवासी युवक के गंगा डूबने के बाद विलाप करते परिजन।  संवाद - फोटो : Samvad
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सांकरा गंगाघाट पर कलश विसर्जन में शामिल होने बाइक से आए तीन दोस्तों ने मौत को खुद ही बुलावा दे दिया। तीनों दोस्त घाट पर नहाने के बजाए 20 फीट ऊंचे पुल पर पहुंच गए, जहां रेलिंग पर पहुंचकर एक-दूसरे के कंधे पर खड़े होकर पिरामिड बनाने के बाद एक-एक कर छलांग लगाई। लोगों ने तीनों ने गंगा की तेज धार में डूबता देखकर एक को तो बचा लिया। दो दोस्त जो आपस में ममेरे-फुफेरे भाई है, उनके शव ही निकाले जा सके।
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घटनास्थल पर मौजूद गांव आलमपुर निवासी जितेंद्र शर्मा ने बताया एटा जनपद के गांव फगरौल निवासी अंकित (25) गांव गौलारा निवासी प्रवीण कुमार (24) और थाना मडराक के गांव भरतुआ निवासी श्यामू (24) हमउम्र होने के कारण आपस में दोस्ती थी, इसी कारण वह अपनी बाइक से सांकरा गंगाघाट पर पहुंचे और बाकी से अलग हटकर पुल पर पहुंच गए, जहां रेलिंग पर पहुंच गए, जहां अंकित के कंधे पर प्रवीण और प्रवीण के कंधे पर श्यामू चढ़ गया, जहां से एक के बाद एक तीनों ने गंगा में छलांग लगा दी।


धोती लटकाए जाने से बच सकी अंकित की जान
गंगा में कूदते ही वह तीनों तेज बहाव मे बहने लगे, जिसे देखकर कुछ लोगों ने पुल पर धोती लटकाई जिसे सबसे अंत में कूदने वाले अंकित ने पकड़ लिया, जिससे उसकी जान बच गई, जबकि दोनों ममेरे-फुफेरे भाई डूब गए. उन्हें जब तक निकाला गया तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
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जिंदा होने की उम्मीद में प्रवीण के शव को लेकर अस्पताल गए

परिवार के लोग दोनों के शव को बिना पोस्टमार्टम के अपने-अपने गांव ले आए, जहां गौलारा में महिलाएं प्रवीण के शव पर विलाप कर रही थीं, तभी अचानक प्रवीण के मुंह से बालू निकलने के साथ उसकी आंख में भी हरकत हो गई, इस पर उसके जिंदा होने का शोर मच गया। परिवार के लोग प्रवीण के जिंदा होने की उम्मीद में उसे स्कॉर्पियो से अस्पताल को रवाना हुए, जहां रास्ते में एक प्राइवेट अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया, जहां उसने प्रवीण को मृत घोषित कर दिया तो वह शव वापस गांव ले आए। देर रात दोनों युवकों का अंतिम संस्कार कर दिया। प्रवीण ने अपने पीछे पत्नी, मासूम लड़का और लड़की सहित परिजनों को बिलखते छोड़ा है, वह इलेक्ट्रिक सामान की दुकान चलता था, जबकि भरतुआ निवासी श्यामू अविवाहित था और आलमपुर में ही रहकर चाऊमीन की ढकेल लगाता था।
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