सांकरा गंगा घाट पर डूबे युवकों को निकालते आपदा मित्र। संवाद
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भागवत कथा के विश्राम पर सांकरा में गंगा नदी में कलश विसर्जन के बाद स्नान कर रहे तीन युवक डूब गए। इनमें से एक को गाेताखोरों ने मशक्कत कर बचा लिया, जबकि ममेरे-फुफेरे दो भाइयों के शव नदी से बाहर आ सके। परिजन ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया और पुलिस से पंचनामा भरवाकर शव अपने-अपने घरों को ले गए।
थाना विजयगढ़ के गांव आलमपुर कठैरा निवासी निरंजन के यहां सात दिन तक भागवत कथा हुई थी। मंगलवार कथा स्थल रखे कलशों का विसर्जन करने के लिए गांव से तीन ट्रैक्टरों और बाइकों के जरिये ग्रामीण सांकरा घाट पर पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इन्हीं में शामिल तीन युवक कुछ विलंब से पहुंचे थे, तब तक कलश विसर्जन कर ग्रामीण अन्य रस्में करते हुए स्नान करने लगे थे।
बाइक से पहुंचे एटा जनपद के गांव फगरौल निवासी अंकित (25) पुत्र सत्यपाल सिंह, गांव गौलारा निवासी प्रवीण कुमार (24) पुत्र लेखराज और थाना मडराक के गांव भरतुआ निवासी श्यामू (24) पुत्र उदयवीर ने गंगा नदी में स्नान करने के लिए पुल के ऊपर से छलांग लगा दी।
इसके बाद वह डूबने लगे तो कलश विसर्जन करने पहुंचे ग्रामीण उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़े। कपड़े फेंककर अंकित को उन्होंने बचा लिया, लेकिन गहराई में चले जाने से ममेरे-फुफेरे भाई प्रवीण और श्यामू डूब गए। स्थानीय गोताखोरों के साथ उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आपदा मित्र भी नदी के पानी में उनकी तलाश में जुट गए। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद प्रवीण कुमार और श्यामू को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुनावई ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।