पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल में ओपीडी कर रहे तीन चिकित्सकों को अचानक हटाकर इमरजेंसी और आईसीयू में तैनात कर दिया गया है। ऐसे में ओपीडी में आने वाले मरीजों को उपचार देने का जिम्मा एक ही चिकित्सक के कंधे पर आ गया है। व्यवस्था बिगड़ती देख अस्पताल प्रशासन ने जेएन मेडिकल काॅलेज से आए जूनियर रेजीडेंट को तैनात कर दिया है।
डीडीयू अस्पताल में मरीजों के उपचार के साथ ही अमरनाथ यात्रा के लिए प्रमाणपत्र बनवाने वालों की भीड़ बढ़ गई। यहां हर दिन करीब 1100 से 1200 मरीज अस्पताल में उपचार कराने पहुंच रहे हैं। दोनों को चिकित्सकों के परामर्श के साथ विभिन्न प्रकार की जांच कराना आवश्यक है। ऐसे में अस्पताल पर दबाव बढ़ गया है।
इसी बीच सीएमओ ने ओपीडी में मरीजों का उपचार कर रहे डॉ. वाईपी सिंह, डॉ. मेहुल मित्तल व डॉ. अंकुर अग्रवाल को हटाकर इमरजेंसी व आईसीयू की ड्यूटी पर लगा दिया। यह तीनों चिकित्सक हर दिन जनरल मरीज के साथ सांस और अन्य बीमारियों के लगभग 250 से अधिक मरीजों का उपचार करते थे। एक फिजिशियन डाॅ. पी कुमार को शासन ने अमरनाथ यात्रियों का प्रमाण पत्र जारी करने के कार्य में लगा रखा है।
यह भी हर दिन करीब 90 से 10 मरीजों का उपचार करते थे। मरीज घंटों कतार में खड़े रहते हैं, इलाज में देरी हो रही है और गंभीर बीमारियों वाले मरीजों की स्थिति और बिगड़ रही है। डॉक्टरों की कमी से परेशान मरीज लौटने पर मजबूर हैं।
पिता रामकुमार को सांस की परेशानी थी। उनका उपचार कराने आया था। चिकित्सक के कमरे में भीड़ लगी थी। बड़ी जद्दोजहद के बाद नंबर आया। बीमारी पूछकर चिकित्सक ने दवा लिखी और जाने के लिए कह दिया।
-रमेश कुमार, किशनपुर
पेट में दो दिनों से दर्द हो रहा था। चिकित्सक को दिखाने आई हूं। कमरा नंबर आठ में पहले उपचार कराया था। वहां पहुंची तो चिकित्सक प्रमाणपत्र बनाने के कार्य में लगे थे। कर्मचारियों ने 11 नंबर में उपचार कराने के लिए कहा।
-साधना देवी, क्वार्सी
ओपीडी में तैनात तीन चिकित्सकों को उच्चाधिकारियों निर्देश पर आईसीयू और इमरजेंसी में तैनात किया गया है। व्यवस्था बिगड़े न, इसके लिए दो जेआर को ओपीडी में तैनात कर मरीजों का उपचार कराया जा रहा है।
-डॉ. एमके माथुर, सीएमएस, डीडीयू अस्पताल