शहर वालों को संभलने की बहुत ज्यादा जरूरत है। अब भी समय है कि अगर वे न संभले तो उनके जीवन को कोरोना संक्रमण का ग्रहण लग सकता है। वजह साफ है कि अपने शहर में कम्युनिटी संक्रमण के रूप में कोराना हर दिन नए इलाके में पांव पसार रहा है। हालांकि मशीनरी ने एड़ी चोटी का जोर लगाया हुआ है। डीएम चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी मुनिराज जी का कहना है कि पुलिस प्रशासन अपना काम कर रहा है। लोगों को घबराने की नहीं बस लॉकडाउन का पालन करने की जरूरत है। आज तीन मौतों के बाद कमोबेश शहर में यही जरूरत महसूस हो रही है। इसी कड़ी में राहत भरी खबर देर रात यह मिली है कि 196 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनमें ज्यादातर लोग सर्राफ कारोबारी, संघ पदाधिकारी, जयगंज की मृत महिला, पानी कारोबारी की संपर्क हिस्ट्री और कुछ अन्य इलाकों की रैंडम सैंपलिंग के केस हैं। हालांकि चर्चाएं जयगंज की दो महिलाओं को लेकर संदिग्ध हैं। मगर देर रात तक उनको लेकर किसी तरह की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
पैथलैब के पार्ट टाइम जॉब ने तो नहीं दिया कोरोना संक्रमण
मृत्यु के बाद शव का कोविंड-19 परीक्षण कराए जाने पर संक्रमित पाए गए सासनी गेट के गंभीर पुरा के 56 वर्षीय व्यक्ति के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा देर रात तक जुटाई जानकारी में कई खुलासे हुए। व्यक्ति मूलरूप से हार्डवेयर सप्लाई का काम करता था। इसके अलावा वह इलाके में ही स्थित एक पैथोलॉजी लैब में पार्ट टाइम काम करता था। इस लैब का कनेक्शन आगरा रोड स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम से है। आशंका जताई जा रही है कि लैब से ही व्यक्ति को संक्रमण होगा।
कोरोना संक्रमित पाए मृतक के परिवार में कुल 11 सदस्य हैं, जिसमें मृतक का छोटा भाई उसकी पत्नी, दो बच्चे, बड़ा भाई उसकी पत्नी और दो बच्चे, हार्डवेयर सप्लायर, उसकी पत्नी, दो बच्चे रहते हैं। बड़े भाई से मिली जानकारी के मुताबिक उसका भाई हार्डवेयर सप्लाई का काम करता था। पता चला है कि पास ही की एक पैथ लैब में भी पार्ट टाइम जॉब करता था। लैब आगरा रोड के एक नर्सिंग होम से संबंधित है। संभवना है कि लैब से ही संक्रमण लगा हो। दो दिन पहले तबीयत खराब हुई तो पास के ही एक डाक्टर से दवा दिला दी। बुधवार को जेएन मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे। यहां डाक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। डीएम चंद्रभूषण सिंंह के मुताबिक कोविड-19 से मौत होने संबंधी गाइडलाइन के तहत शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा। बाकी हिस्ट्री पर काम कराया जा रहा है। मृतक के आस पड़ोस के लोगों की रेंडम सैंपलिंग कराई जाएगी। परिवार वालों का सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।
लैब सील होगी, नर्सिंग होम पर भी साया मंडराया
56 वर्षीय मृतक के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक अचानक से तहलका मच गया। देर रात तक अधिकारियों में लैब और नर्सिंग होम को कुछ समय के लिए बंद करने के निर्णय पर मंथन जारी रहा। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार लैब और नर्सिंग होम को कुछ समय के लिए बंद करने से लेकर स्टाफ की रेंडम सैंपलिंग, इलाके में सैनेटाइजिंग, आस पड़ोस के लोगों की रेंडम सैंपलिंग का काम आवश्यक तौर पर किया जाएगा। लैब के संबंध में यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि वह पिछले एक सप्ताह के भीतर कितने लोग जांच कराने को पहुंचे जो 56 वर्षीय व्यक्ति के संपर्क में आए।
दवा कारोबारी की मौत से दौड़ी शोक की लहर
कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उपचार करा रहे फफाला के दवा कारोबारी की बृहस्पतिवार रात को मौत होने के अलीगढ़ के दवा कारोबारियों में शोक की लहर दौड़ पड़ी। इधर, कारोबारी के परिवार में भी कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी, पिता, भाई और ड्राइवर फिलहाल दिल्ली में ही हैं। परिवार वाले देर रात तक शव को अलीगढ़ लाने संबंधी प्रक्रिया की अनुमति में लगे रहे। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से शव लाने की अनुमति देने संबंधी पुष्टि नहीं की गई।
क्वार्सी की एडीए कालोनी के रहने वाले 48 वर्षीय दवा कारोबारी को सांस लेने में तकलीफ और बुखार हुआ था। कारोबारी उपचार कराने के लिए दिल्ली के फोर्टिज अस्पताल चला गया। वहां उसकी कोविड-19 जांच हुई, जिसमें संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद कारोबारी को अपोलो अस्पताल में रेफर कर दिया गया। पिछले तीन दिन से कारोबारी लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर था। बृहस्पतिवार रात को उन्होंने दम तोड़ दिया। जिला अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह टिल्लू ने मृतक के भाई से हुई बातचीत के आधार पर मौत की पुष्टि की। शैलेंद्र सिंह टिल्लू के मुताबिक मृतक के पिता, पत्नी, ड्राइवर और एक भाई रात को दिल्ली में ही थे। पत्नी, ड्राइवर और पिता का कोविड टेस्ट कराया गया था, जो कि नेगेटिव आया है। शव अलीगढ़ लाया जाएगा या नहीं इस संबंध में जिला प्रशासन और परिवार वालों में वार्ता देर रात तक जारी रही।
मृतक कारोबारी की पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव, घर भेजा
मामू भांजा के मृतक पानी कारोबारी की 68 वर्षीय पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव है। वह जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद महिला के अनुरोध पर जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों द्वारा उन्हें घर जाने की अनुमति दी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि आज 196 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव है। कई दिनों बाद राहत मिली है।
कोरोना संक्रमित आठ माह के बच्चे की मां को वार्ड में किया भर्ती
कोरोना संक्रमित पाया गया आठ माह का बच्चा सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के जमालपुर इलाके के रहने वाले दंपती का है। जिले में इतनी कम उम्र का पहला कोरोना संक्रमित केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। बच्चे का जेएन मेडिकल कालेज के कोविड वार्ड में उपचार जारी है। बच्चे के साथ ही मां को भी वार्ड में रखा गया है। जेएन मेडिकल कालेज में बच्चे को उसके परिवार वालों ने तीन दिन पहले तबीयत खराब होने पर ट्राम सेंटर में भर्ती कराया था। यहां बच्चे की हालात को देखते हुए डाक्टरों ने कोविड-19 परीक्षण के लिए सैंपल ले लिया। सैंपल की जांच रिपोर्ट बृहस्पतिवार सुबह आई। इसमें बालक के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य से लेकर प्रशासनिक महकमे में चिंता पनप गई। इतनी कम उम्र का पहला केस सामने आने के बाद डाक्टर भी चिंतित हैं। जेएन मेडिकल कालेज के स्टाफ के मुताबिक बच्चे का उपचार जारी है। उसकी मां को भी वार्ड में रखा गया है।