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अलीगढ़ः कल्याण की आखिरी विदाई में उमड़ा जनसैलाब

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कल्याण सिंह की शवयात्रा में पार्थिक शरीर को देखने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़ - फोटो : CITY OFFICE
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पूर्व सीएम कल्याण सिंह की अंतिम यात्रा में अलीगढ़ से नरौरा गंगा घाट तक 57 किमी लंबे रास्ते पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों जगह शवयात्रा पर पुष्पवर्षा कर भावपूर्ण विदाई दी गई। शव यात्रा वाहन के साथ जय श्रीराम, जब तक सूरज चांद रहेगा, बाबू जी का नाम रहेगा.. जैसे कई नारे गूंजते रहे। साउंड सिस्टम पर रामधुन बजाई जा रही थी। मथुरा कैंट से सेना का विशेष वाहन बुला कर उसको फूलों से सजाया गया था। वाहन के ऊपर कल्याण सिंह की बड़ी तस्वीर रखी थी। नीचे प्लेटफार्म पर कोल्ड बाक्स में पूर्व सीएम का पार्थिव शरीर रखा गया था। उनके शरीर पर तिरंगा और भाजपा ध्वज लपेटा गया था।
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इस वाहन पर कल्याण सिंह के परिजन सवार थे। जिसमें उनके पुत्र एटा सांसद राजवीर सिंह राजू, पौत्र संदीप सिंह, सौरभ सिंह, राजवीर सिंह के दामाद प्रवीण राज सिंह सहित अन्य परिजन थे। पूरा रामघाट रोड कल्याण सिंह मय हो गया था। जगह- जगह उनको श्रद्धांजलि देते बैनर पोस्टर लगाए गए थे। शवयात्रा वाहन के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, सांसद, विधायक, पुलिस प्रशासनिक अफसर और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। आसपास के कई जिलों के विधायक, भाजपा और आरएसएस के पदाधिकारी भी इस यात्रा में साथ रहे।
शव यात्रा स्टेडियम से सुबह नौ बजे शुरू हुई। यहां यात्रा की शुरुआत गार्ड ऑफ ऑनर से हुई। यहां से निकलते ही क्वार्सी चौराहे पर पुष्पवर्षा हुई। इसके बाद पीएसी, तालानगरी, हरदुआगंज, साधु आश्रम, नरौना 12 नंबर और चौमुंहा पर सड़क के दोनों ओर मौजूद हजारों लोगों ने उनको नमन किया। सैकड़ों लोग इस यात्रा का वीडियो भी बना रहे थे। जो उसी वक्त सोशल मीडिया पर शेयर भी हो रहे थे। सुबह 11 बजे यात्रा कल्याण सिंह के पैतृक गांव मढ़ौली पहुंची। गांव का रास्ता संकरा होने और हजारों की भीड़ के कारण यात्रा गांव के अंदर नहीं गई। बाहर बने कल्याण सिंह द्वार पर ही शव यात्रा वाहन को रोक कर लोगों को नमन करने का मौका दिया गया। यहां लगभग पंद्रह मिनट तक ठहरने के बाद यात्रा अतरौली के एनेक्सी भवन के लिए रवाना हो गई। यात्रा लगभग पौने 12 बजे एनेक्सी भवन पहुंची। जहां शवयात्रा वाहन से पार्थिव शरीर को कोल्ड बाक्स सहित उतार कर फूलों से सजे मंच पर रखा गया। इस मंच के लिए फूलों से सजा विशेष पंडाल बनाया गया था। यहां पर दो घंटे तक लोगों को श्रद्धांजलि देने का मौका दिया गया। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, केंद्रीय मंत्री पूर्व जनरल वीके सिंह, यूपी की राज्यपाल आनंदीबेट पटेल सहित कई बड़े नेताओं ने बाबू जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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अतरौली ने अपने सबसे बड़े नेता को दिल खोल और नम आंखों से विदाई दी। वहां के लोगों ने बताया कि भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनने, विधायक बनने, मंत्री बनने, मुख्यमंत्री बनने, आयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस होने, उनके राज्यपाल बनने पर भी कभी इतनी भीड़ उनके किसी स्वागत में नहीं जुटी। शव यात्रा का आलम यह था कि मढ़ौली सहित आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों महिलाएं बच्चे बुजुर्ग पैदल ही अतरौली गेस्ट हाउस चल पड़े, जहां उनका शव रखा गया था। शव यात्रा पहुंचते ही यहां भीड़ का रेला उमड़ा पड़ा। चारों तरफ की सड़कें जाम हो र्गईं। जो जहां था, वहीं फंसा रहा। पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए थे, लेकिन बाबू जी के समर्थकों ने उनके अंतिम दर्शन कर नम आंखों से नरौरा तक का सफर तय किया। इस दौरान नरौरा के गंगाघाट से अतरौली के अंवतीबाई चौराहे तक वाहनों की लंबी कतार लगी थी। दोपहर लगभग डेढ़ बजे यात्रा अतरौली से नरौरा घाट के लिए रवाना हुई। पिलुखनी, ककेथल, जिरौली धूम सिंह से अलीगढ़ जनपद की सीमा के आखिरी गांव जरगंवा तक यात्रा पर पुष्प वर्षा होती रही। सड़क के दोनों ओर लाखों लोग जमा थे। भीषण गरमी और उमस में भी ये लोग डटे रहे। यात्रा के दौरान मंडलायुक्त गौरव दयाल, जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे, डीआईजी दीपक कुमार, एसएसपी कलानिधि नैथानी, एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी सहित कई एसडीएम, सीओ और बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रहा। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी कलानिधि नैथानी ने अलीगढ़ जनपद की सीमा के आखिरी गांव जरगंवा तक यात्रा को संभाला। इसके बाद बुलंदशहर जिला प्रशासन ने यात्रा की कमान संभाली।
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