प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि इस बार बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। अधिकारियों के साथ इस संबंध में पूरी योजना बना ली गई है। प्रदेश में कहीं भी किसी भी कीमत पर नकल नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा विभाग की उपलब्धियों को सिलसिलेवार गिनाते हुए कहा कि वे यूपी बोर्ड को विश्व का सर्वोत्तम बोर्ड बनाना चाहते हैं। वे शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. शर्मा यहां भाजपा लोकसभा संचालन समिति की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। इससे पूर्व अलीगढ़ मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक कर नकलविहीन बोर्ड परीक्षा कराने से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के करीब डेढ़ साल के शासनकाल में शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हुआ है।
अनियमित पाठ्यक्रम के कारण यूपी बोर्ड के बच्चों के 60 से 65 प्रतिशत अंक आते थे, जबकि दूसरे बोर्ड के विद्यार्थी 90 से 95 प्रतिशत तक अंक हासिल कर आगे बढ़ जाते थे। कॉलेजों के दाखिले और नौकरी में यहां के बच्चे पिछड़ जाते थे। हमने इस विसंगति को दूर किया और एनसीईआरटी के आधार पर पाठ्यक्रम कर दिया। इसके अलावा अब सत्र को जुलाई के बदले अप्रैल से किया। विदेशी मीडिया ने इसे शैक्षिक क्रांति का नाम दिया है।
उन्होंने कहा कि पहले यूपी बोर्ड की परीक्षाएं दो महीने में होती थीं। पिछले वर्ष इन्हें एक महीने में संपन्न कराया था। इस बार मात्र 16 कार्य दिवसों में यह परीक्षाएं कराएंगे। यह बड़ी चुनौती है, क्योंकि यूपी बोर्ड दुनिया का सबसे बड़ा बोर्ड है। उन्होंने कुख्यात ‘अतरौलिया बोर्ड’ सहित प्रदेश के दूसरे जिले में नकल के टेंडर होने का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले परीक्षार्थी के बदले दूसरे लोग परीक्षा में बैठते थे। साल्वर-लेखक उपलब्ध कराए जाते थे।
लेकिन पिछले वर्ष सरकार की कार्रवाई के सुपरिणाम सामने आए हैं। नकल पर काफी अंकुश लग चुका है। इस बार नकल कदापि नहीं होने दी जाएगी। हमने 65 जिलों में अपने अधिकारियों को भेजा है। ये संदिग्ध विद्यालयों की सूची तैयार करेेंगे। पेपर आउट करने वालों पर लगाम लगाएंगे। इसमें खुफिया तंत्र से मदद लेंगे। प्रश्न पत्र के कई-कई सेट तैयार होंगे ताकि वक्त आने पर तुरंत बदला जा सके।
परीक्षाओं के दौरान सीसीटीवी एवं वायस रिकार्डिंग कराई जाएगी। आधार की अनिवार्यता से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के हालिये फैसले पर कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का विधिक परीक्षण करा रहे हैं। इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, सांसद सतीश कुमार गौतम, जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह, नगर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, छर्रा विधायक रवेंद्र पाल सिंह, इगलास विधायक राजवीर सिंह दिलेर सहित मंडल एवं जिला के शीर्ष अधिकारी आदि मौजूद थे।
डेढ़ साल में बनाए 205 नए विद्यालय
उपमुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि पिछली सरकारों के 10 साल के कार्यकाल में 48 विद्यालय बने। उन्होंने डेढ़ साल में 205 नए विद्यालय बना दिये, जिसमें 166 पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल स्कूल हैं। इन स्कूलों में वाई-फाई से लेकर स्मार्ट क्लास रूम तक मौजूद हैं।
शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती जल्द
डॉ. शर्मा ने कहा कि शिक्षकों के खाली पदों को विज्ञापित कर रहे हैं। शिक्षकों की कमी को दूर किया जाएगा। 100 वित्त पोषित महाविद्यालयों में स्थायी प्राचार्य नहीं थे। हमने विसंगति दूर कर रास्ता खोल दिया है। शिक्षकों की सेवानिवृत्ति के एक दिन पहले आरटीजीएस के माध्यम से उनका बकाया पहुंच जाएगा। उच्च शिक्षा के शिक्षक एवं कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने के लिए 921 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नकल पर इमरान हाशमी बना रहे फिल्म
उपमुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों का जमकर बखान किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सरकार के प्रयास से नकल पर काफी हद तक रोक लग गया। इस पर फिल्म अभिनेता इमरान हाशमी फिल्म बना रहे हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों को सवाल-जवाब का अवसर प्राप्त नहीं हुआ। लगातार कार्यक्रमों के कारण उप मुख्यमंत्री इतनी जल्दी में थे कि अपनी बात कहकर चले गए। कुछ पत्रकारों से सवाल उछाले तो चलते-चलते संक्षिप्त जवाब ही दिए। स्कूलों में गुणवत्तायुक्त पढ़ाई के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि जल्द ही इसमें बड़ा सुधार होगा।