डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने शनिवार को उच्च व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। यहां उन्होंने अधिकारियों को नकल विहीन परीक्षा कराने के निर्देश दिए। शासन की मंशा के अनुरूप संपन्न होने वाली परीक्षाओं के मद्देनजर प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। अभी समय है। बच्चों को तैयारियां कराओ, बोर्ड परीक्षाओं में नकल बिल्कुल नहीं होगी।
बैठक के दौरान डिप्टी सीएम ने चर्चित अतरौलिया बोर्ड व एटा जिले के नकल कराने वाले परीक्षा केंद्रों के खिलाफ बनाई गई रणनीति पर वार्ता की। उन्होंने कहा कि संदिग्धों को पकड़ो, कार्रवाइयां करो। किसी भी हालत में नकल कराने वाला विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनना चाहिए। जहां रेगुलर कक्षाएं नहीं चलती हैं।
ऐसे संदिग्ध विद्यालयों की सूची बना लें। इसके बाद इन विद्यालयों की जांच करें। संबंधित रिपोर्ट को शासन को भेजें। कोचिंग सेंटरों पर भी विभाग नजर रखें। कई सेंटर ऐसे भी होते हैं जो दूसरे बच्चों को बैठाकर परीक्षा संपन्न कराते हैं। एटा और अलीगढ़ संदिग्ध जिले हैं। इसलिए डीआईओएस ओर जेडी विशेष ध्यान दें।
सेंटर मानक के अनुसार बनेगा। सिफारिशों पर बिल्कुल ध्यान न दें। डीएम के माध्मय से रिपोर्ट शासन को जाएगी। परीक्षाओं में सीसीटीवी कैमरा व वाइस रिकार्डर कक्ष के दोनों तरफ लगाए जाएंगे। बाउंड्रीवाल और टायलेट केंद्र पर आवश्यक है। विद्यालय के शिक्षक अपने परीक्षा केंद्र पर कक्ष निरीक्षक के रूप में तैनात नहीं होने चाहिए। परीक्षा केंद्र पर 200 मीटर तक विद्यालय का प्रबंधक, रिश्तेदार या उनका कोई आदमी नहीं रहेगा।
इसी के साथ जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। उन विद्यालयों को भी चिह्नित कर लिया जाए। शैक्षिक पंचांग के अनुसार पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए। विज्ञान, गणित पर विशेष ध्यान दिया जाए। अध्यापक न हो तो सेवानिवृत्त शिक्षकों को सुनियोजित किया जाए।
डिप्टी सीएम की बैठक में संयुक्त शिक्षा निदेशक जितेंद्र कुमार मलिक, डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, एडीआईओएस दीप्ती वार्ष्णेय, वित्त एवं लेखाधिकारी एके पांडेय, बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय आदि मौजूद रहे।