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Aligarh: विचारक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ आए अलीगढ़, बोले- व्यक्ति से बड़ा देश है और उससे बड़ा राष्ट्र

Mon, 21 Aug 2023 01:20 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पुष्पेंद्र ने कहा कि अपनी संस्कृति, सभ्यता व परंपरा को बचाने के लिए कभी सरकार की ओर नहीं देखना चाहिए, बल्कि अपने पुरुषार्थ पर विश्वास करना चाहिए।
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धर्म समाज महाविद्यालय में विचार गोष्ठी को संबोधित करते पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सनातन धर्म प्रचार के पुरोधा एवं देश के जाने माने चिंतक-विचारक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ आहूति संस्था के तत्वावधान में रविवार को डीएस कॉलेज के सभागार में गोष्ठी को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि कुलश्रेष्ठ ने कहा कि व्यक्ति से बड़ा देश है और देश से बड़ा राष्ट्र होता है। संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अविश्वास प्रस्ताव पर कहा कि नए संसद भवन में वंदे मातरम का पूरा गान होगा। वीर सावरकर की जयंती पर संसद भवन का लोकार्पण होना गौरव की बात है। आज देश में जो तंत्र है, उसके हाथों में देश इतना सुरक्षित है, जितना पहले कभी नहीं था। राष्ट्र समाज के सरोकारों से बढ़ता है। 

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पुष्पेंद्र ने कहा कि अपनी संस्कृति, सभ्यता व परंपरा को बचाने के लिए कभी सरकार की ओर नहीं देखना चाहिए, बल्कि अपने पुरुषार्थ पर विश्वास करना चाहिए। उन्होंने बजरंग बल के जिला संयोजक गौरव शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले अलीगढ़ में सड़कों पर नमाज पढ़ी जाती थी। जिसके विरोध में बजरंग बल ने हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड पाठ की सड़कों पर शुरूआत की थी। इस मुद्दे को लेकर पूरे देश में आवाज उठाई। इसी का नतीजा है कि देश में कहीं भी सड़क पर नमाज नहीं हो रही है। 

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उन्होंने मांग रखी कि देश के हर घर में सुबह-शाम लाउडस्पीकर से वंदे मातरम बजना चाहिए। इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए, जिससे लोगों में देश के प्रति प्रेम बढ़ेगा और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का एहसास होगा। उन्होंने मोदी-योगी की सराहना करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने यह साफ कर दिया है कि देश से बड़ा राष्ट्र होता है। इसलिए व्यक्ति कभी महत्वपूर्ण नहीं होता है। उन्होंने देश के सनातनियों से एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाने की अपील की। कहा कि हमने सरकार को जिस लिए चुना है उसे वह काम करने दें। आक्रांताओं ने देश में 30 हजार मंदिर तोड़े हैं, अब उन्हें सार्वजनिक पहचान दिलाने का समय आ गया है। 

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मुख्य अतिथि काशी-विश्वनाथ मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता उच्चतम न्यायालय विष्णु कुमार जैन ने कहा कि इस केस में उनके पक्ष की जीत होगी। उन्होंने कोर्ट में चल रही सुनवाई एवं एएसआई सर्वे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि मुस्लिम किसी भी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाते हैं। इससे उनकी ताकत का अंदाजा लगा सकते हैं। कोर्ट के आदेश से जो सर्वे चल रहा है, उसमें हिंदुओं के पक्ष में साक्ष्य मिले हैं। इसके लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी जा रही है। काशी विश्वनाथ के साथ मथुरा-वृंदावन, कुतुबमीनार समेत देश भर के 42 हजार मंदिरों की आजादी की लड़ाई लड़ी जानी है। गोष्ठी की अध्यक्षता समाजसेवी एवं निर्यातक आरके जिंदल ने एवं संचालन आहुति संस्था के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने किया। 

यह रहे कार्यक्रम में मौजूद
कार्यक्रम के दौरान शहर विधायक  मुक्ता संजीव राजा, पब्लिक स्कूल डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष एवं संयोजक प्रवीण अग्रवाल, सर्व व्यवस्था प्रमुख प्रदीप अग्रवाल आरसीएच, सह संयोजक गौरव शर्मा, डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा, जयप्रकाश सारस्वत, कर्नल निशिध सिंघल, मुकेश सिंघल, मुकेश मित्तल, रवि राठी, शैलेंद्र, शालू, पारस गुप्ता, गिरधारी लाल गोयल, मुनेश जैन, डॉ. विश्वामित्र आर्य, अनिल देशबंधु, विनोद माहेश्वरी, संजय सिंह,  शेखर शर्मा, डॉ. रक्षपाल सिंह, देवेंद्र सक्सेना, सुभाष गोयल, विजय अग्रवाल सोनी, ओपी राठी, यतींद्र मोहन झा आदि।
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