मांग बढ़ने के साथ ही जिले में खाद की किल्लत बढ़ती जा रही है। महौ और सासनी में गत दिनों खाद के लिए जमकर हंगामा हुआ था। शनिवार को भी जिले में कई स्थानों पर खाद के लिए हंगामा होता रहा। कई समितियों पर किसान व समिति संचालकों के बीच नोकझोंक हुई। जिस समिति पर खाद आने की सूचना किसानों को प्राप्त हुई, वहां भीड़ हो गई। किसी समिति पर किसानों को खाद मिली तो कहीं से निराश लौटना पड़ा। जहां खाद मिली भी तो वहां पांच से छह घंटे लाइन में लगना पड़ा। किसान रोजमर्रा के कामों को छोड़कर समितियों पर खाद के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
केस नंबर एक- खोड़ा की समिति पर हंगामा, नहीं हुआ वितरण
सहपऊ के गांव खोड़ा की सहकारी समिति पर शनिवार को करीब 300 बोरी खाद आई थी, लेकिन किसान दोगुनी संख्या में पहुंच गए। यहां सचिव के न आने से खाद का वितरण नहीं हो पाया। किसान हंगामा करते हुए वापस चले गए। सहपऊ के गांव नगला सलेम स्थित समिति पर भी खाद लेने के दौरान किसानों के बीच धक्कामुक्की हो गई। जिससे एक महिला किसान के हाथ में चोट लग गई।
केस नंबर दो-बहरदोई में भीड़ देखकर सचिव ने जड़ा ताला
ग्राम बहरदोई स्थित समिति पर खाद लेने के लिए उमड़ी भीड़ को देखकर सचिव समिति पर ताला लगाकर चले गए। सचिव का कहना था कि जितनी भीड़ है, उतनी खाद नहीं है। पुलिस की मौजूदगी में ही वितरण हो सकता है। गांव धाधऊ, नगला सलेम, गुतहरा, सलेमपुर में भी किसान खाद लेने के लिए उमड़ते रहे। गांव धाधऊ, नगला सलेम और बहरदोई की समितियों पर पुलिस की मौजूदगी में वितरण कराया गया।
केस नंबर तीन- सलेमपुर सहकारी समिति पर टोकन से दी खाद
हाथरस के मथुरा-बरेली राजमार्ग पर स्थित सलेमपुर गांव की बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर भी शनिवार को खाद आने की सूचना पर काफी संख्या में किसान एकत्रित हो गए। सुबह छह बजे से किसानों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। समिति पर किसानों से आवश्यक दस्तावेज लेकर टोकन प्रक्रिया के तहत खाद का वितरण किया गया। खाद लेने के लिए किसानों की लंबी लाइन लगी रही। यहां देरी से वितरण शुरू होने पर किसानों ने हंगामा किया।
केस नंबर चार- खाद न मिलने पर नगला बिहारी के किसानों ने की शिकायत
गांव नगला बिहारी के कई किसान शनिवार को एसडीएम मनीष चौधरी से मिले। उन्होंने एसडीएम को बताया कि पर्ची होने के बाद भी उन्हें समय पर खाद नहीं मिल रही है। इससे फसल की पैदावार प्रभावित हो रही है। ऐसे में उनके सामने आलू की बुवाई का संकट खड़ा है। बुवाई के लिए अब मात्र 20 दिन का समय बचा है। एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि सभी किसानों को खाद का वितरण कराया जाएगा।
-फसलों की बुवाई का समय नजदीक है, लेकिन किसानों को पर्याप्त खाद का वितरण नहीं किया जा रहा है। सुबह से लाइन में लगने के बाद शाम तक खाद नहीं मिल पा रही है। वितरण व्यवस्था को सुधारा जाना चाहिए।
-वीरपाल सिंह, परसौरा।
-पर्ची मिलने के बाद भी खाद नहीं दी जा रही है। कई-कई घंटे लाइन में लगना पड़ रहा है। यदि समय से खाद न मिली तो फसल बर्बाद हो जाएगी। अधिकारियों को पर्याप्त मात्रा में समय से खाद का वितरण कराना चाहिए।
-ओमवीर सिंह, नगला बिहारी।
-हर बार बुवाई का समय नजदीक आते ही खाद की किल्लत का सामना करना पड़ता है। खाद वितरण व्यवस्था दयनीय है। किसान खाद के लिए दिन निकलते ही लाइन में लग रहे हैं, लेकिन शाम तक उनका नंबर नहीं आ पा रहा है।
-राजकुमार, बहरदोई।
जिले में खाद की मालगाड़ियां लगातार आ रहीं हैं। सभी किसानों को खाद का वितरण किया जा रहा है, किसान धैर्य बनाए रखें। खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।
-सतपाल सिंह, एडीओ काेऑपरेटिव।