15 मार्च को गांव हैवतपुर में पिटाई से घायल प्रधान को टेंपो से थाने ले जाना एक टेंपो चालक के जीवन पर भारी पड़ गया। रास्ते में कुछ लोगों ने रोककर टेंपो चालक को इस बेरहमी से पीटा कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह दिल्ली में उसकी मौत हो गई।
गांव हैवतपुर के प्रधान विजयपाल सिंह के अनुसार 15 मार्च की रात करीब आठ बजे वह अपनी डेरी पर बैठे थे। इसी दौरान गांव के बीरबल, अखिलेश और विजेंद्र आए और गाली देते हुए पीटने लगे। ग्रामीणों ने बीच-बचाव करा दिया। रात में 11 बजे दोबारा से आरोपी डंडे आदि लेकर आ गए और पीटना शुरू कर दिया। इससे उनके गंभीर चोटें आईं। इस पर वह रात में ही थाने पहुंचे। पुलिस ने डॉक्टरी परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया।
सीएचसी से रात में लौट रहे थे। साथ में अजय और सोनू वर्मा थे, जबकि सोमेश टेंपो चला रहा था। गांव मढ़ौली के बंबा के पास गांव खेड़ा निवासी बीका, प्रशांत, शनि, हरेंद्र, राहुल और अंशू ने घेरकर टेंपो रुकवा लिया। प्रधान और सोमेश सहित सभी को पीटा। इसमें सोमेश के गंभीर चोटें आई थीं।
मामले में 16 मार्च को जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। युवक की हालत चिंताजनक थी, जिसे परिजन इलाज के लिए दिल्ली ले गए थे। वहां उसकी मौत हो गई। डॉक्टरी रिपोर्ट के आधार पर हत्या की धारा में मुकदमा तरमीम होगा। घटना के संबंध में दो आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। -सर्जना सिंह, सीओ।