धनीपुर एयरपोर्ट से लखनऊ तक 19 सीटर उड़ान शुरू होने में लाइसेंस का अड़ंगा लग गया है। एयरपोर्ट बनकर तैयार है लेकिन संबंधित कंपनी को लाइसेंस न मिलने के कारण यहां से उड़ान शुरू नहीं हो पा रहीं हैं। अलीगढ़वासी चार साल से उड़ान संचालन के इंतजार में है। शासन स्तर से लेकर स्थानीय अधिकारियों तक ने निरीक्षण कर लिया है ।
निर्माण कार्य, टेक्निकल तथा ट्रैफिक सिस्टम का काम पूरा होने पर अपनी अनापत्ति जारी कर दी है। इसके बाद भी अभी तक उड़ान संचालन के लिए लाइसेंस जारी नहीं हो सका है। धनीपुर को मिनी एयरपोर्ट बनाने को राज्य व केंद्र सरकार ने बराबर धनराशि खर्च की है। निर्माण व कनेक्टिविटी का काम डीजीसीए दिल्ली ने देखा था। अब संचालन का जिम्मा विमानन पत्तन को सौंपा गया है। प्रशासन ने निर्माण कार्य पूरा होने की रिपोर्ट राज्य व केंद्र को भेज दी है। एयरपोर्ट के संचालन के लिए शासन में कैबिनेट की मंजूरी मिलने के साथ ही बजट भी जारी किया जा चुका है।
एयरपोर्ट का जनवरी में उद्घाटन होना था, लेकिन विधानसभा चुनाव और आचार संहिता के चलते अधर में ही लटक गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार संचालन में अब सिर्फ लाइसेंस मिलना शेष रह गया है। विमानन पत्तन एजेंसी तय होने के बाद भी इसमें कोई तेजी नहीं आई है। डीएम इंद्र विक्त्रस्म सिंह ने भी एयरपोर्ट के जल्द संचालन के लिए शासन को पत्र भेजा है। सांसद सतीश गौतम भी इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ को अवगत करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सकारात्मक पहल की है, जल्द ही एयरपोर्ट का संचालन होगा। एयरपोर्ट प्रभारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप वर्मा ने बताया कि शासन स्तर पर औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं हैं। लाइसेंस मिलने के बाद शासन स्तर से उड़ान पर निर्णय लिया जाएगा।