जमालपुर स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) पर 29 कोविड वैक्सीन से लोडेड सिरिंज कूड़ेदान में मिलने के मामले में जांच शुरू हो गई है। कमेटी के समक्ष डॉक्टर, एएनएम, फार्मासिस्ट सहित सात लोगों ने बयान रिकार्ड कराए हैं। इसकी रिपोर्ट बुधवार तक आने की उम्मीद है।
सीएमओ ऑफिस में मंगलवार को जांच कमेटी के समक्ष यूपीएचसी की प्रभारी डॉ. अफरीन, एएनएम निहा खान, सोनम, अनुज सिंह, फार्मासिस्ट अरविंद कुमार सहित सात कर्मचारियों के बयान रिकार्ड किए गए हैं। पूरा मामला जिलाधिकारी के पास भी पहुंच गया है।
एसीएमओ डॉ. एमके माथुर एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि यूपीएचसी से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बयान रिकार्ड कर लिए गए हैं। कुछ अन्य पहलू पर जांच चल रही है। बुधवार तक रिपोर्ट सीएमओ को सौंप देंगे।
क्या है मामला...
जमालपुर यूपीएचसी पर 29 कोविड वैक्सीन (कोवाक्सिन) से लोडेड सिरिंज कूड़ेदान में मिले थे। आशंका जताई जा रही है कि बिना पूरी वैक्सीन लगाए बदनीयती से सिरिंज कूड़ेदान में फेंके गए। यही नहीं लाभार्थियों के नाम कोविन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है।
यूपीएचसी की एएनएम संदेह के घेरे में हैं। केंद्र पर 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को टीका लग रहा था। उसी दौरान की यह घटना है। कोल्ड चैन के मैनेजर रवेंद्र शर्मा ने निरीक्षण के दौरान लोडेड सिरिंज को कूड़ेदान में पाया था और अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को दी थी।
वैक्सीन कक्ष की नहीं होती रिकार्डिंग
यूपीएचसी जमालपुर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। केंद्र के अंदर प्रवेश करते ही लोग सीसीटीवी कैमरे की जद में आ जाते हैं। दिक्कत यह है कि टीकाकरण कक्ष में कैमरे की अनुमति नहीं है, इसलिए रिकार्डिंग उपलब्ध नहीं है। हालांकि घटना वाले दिन की रिकार्डिंग भी मददगार साबित हो सकती है।
चर्चा है कि एक एएनएम द्वारा लाभार्थियों के हाथ में सुई तो चुभोई जाती थी, लेकिन शरीर के अंदर वैक्सीन की डोज नहीं पहुंचाई जा रही थी। सुई चुभोने के बाद लोडेड सिरिंज कूड़ेदान में फेंक देती थी। यह भी चर्चा है कि एक लाभार्थी द्वारा सवाल उठाने के बाद ही यह मामला प्रकाश में आया है। देखना यह है कि जांच कमेटी सच्चाई पर से पर्दा उठाने में कितनी कामयाब होती है।
संदेह के घेरे में आए कर्मचारी बता रहे साजिश
यह सौ प्रतिशत सही है कि केंद्र के कूड़ेदान में वैक्सीन लोडेड सिरिंज पड़े हुए थे। ऐसे में वैक्सीन के दुरुपयोग से किसी तरह इंकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि आरोपी कर्मचारी इसे साजिश बता रहे हैं। उनका कहना है कि एक साजिश के तहत फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं कुछ लोग लोडेड सिरिंज कूड़ेदान में फेंकने की घटना को स्वीकार रहे हैं।
क्या कहती हैं प्रभारी...
यूपीएचसी की प्रभारी डॉ. अफरीन का कहना है कि घटना के वक्त वह लंच करने गई थीं। रवेंद्र शर्मा के निरीक्षण के दौरान वह मौजूद नहीं थी। वह शाम में आए थे, इसलिए एएनएम सहित अधिकतर स्टाफ जा चुके थे। विभाग में रिपोर्ट के पूर्व न तो उन्हें लोडेड सिरिंज और न ही उसके फोटो दिखाए गए। उन्हें घटना की सूचना तक नहीं दी गई।