नाले के ऊपर रखकर निकलने के लिए रास्ता बनाने की कोशिश करता ग्रामीण।
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क्षेत्र में गांव नगला बाबू के पास एक बरसाती नाले का बंधा टूट जाने से 20 गांवों का आवागमन 22 दिनों से प्रभावित है। लोग जान जोखिम में डालकर नाले के ऊपर रखे पाइप से होकर निकलने के लिए मजबूर हैं।
भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत के जिलाध्यक्ष चौधरी हेमंत सिंह सहित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की है। चौधरी हेमंत सिंह का कहना है कि 31 अगस्त को बरसाती नाले में पानी के तेज बहाव से करीब 500 बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। छह महीने पहले पुराने क्षतिग्रस्त पुल के मलबे को हटाकर लोनिवि के ठेकेदार ने नया पुल बनाने के लिए बंधा लगा दिया था। 31 अगस्त को बंधे के ऊपर से पानी बहने लगा और वो टूट गया। इससे मुरसान के गांव अहरई, बंका, दऊदा, सुरतिया मुगरिया समेत 20 गांवों का मुरसान जाने का रास्ता बंद हो गया। करीब 500 सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से पुल बनाने की मांग की है, लेकिन अधिकारी नाले में पानी कम होने का हवाला देकर काम को टाल रहे हैं। इस रास्ते मुरसान जाने वाले लोगों को छह किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
ग्रामीण गोपाल ने बताया कि 31 अगस्त को बंधा कटने के बाद करीब 500 बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। कई किसानों की कपास की फसल खराब हो गई है। प्रशासन को फसल का मुआवजा देना चाहिए और इस रास्ते को दुरूस्त कराना चाहिए। लोग पाइप से होकर निकल रहे हैं।