कई दिनों की भयंकर तपिश के बाद सोमवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। पहले तो तेज आंधी और धूल का बवंडर आया और उसके बाद बारिश ने मौसम सुहावना कर दिया। बारिश के दौरान भी तेज हवाएं चलतीं रहीं। आंधी ने कई स्थानों पर भारी नुकसान भ्ाी किया। शहर के पला कबीर नगर इलाके में दीवार गिरने से कई लोग जख्मी हो गए। वहीं मंजूरगढ़ी में टॉवर गिरने से भ्ाी कुछ लोग जख्मी हो गए। जलाली में पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। कई स्थानों पर लोग बारिश में मस्ती करते हुए भी देखे गए।
दीवार और टॉवर गिरे, कई जख्मी
बदले मौसम में सोमवार शाम तेज आंधी व बारिश के दौरान महानगर में तीन दुर्घटना में आधा दर्जन लोग जख्मी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल आदि में भरती कराया गया है। तीनों दुर्घटनाओं की खबर पर पुलिस ने पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। इनमें एक दुर्घटना सासनी गेट के पला कबीर नगर में, दूसरी क्वार्सी की बिस्मिल्लाह कॉलोनी और तीसरी गांधीपार्क के डोरी नगर में हुई है।
शाम को पहली दुर्घटना आंधी बारिश के दौरान पला कबीर नगर में हुई। जहां मकान बनवा रहे रुधानी शिकोहाबाद निवासी गिरीश चंद्र गोस्वामी के निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से खुद गिरीश, पड़ोसन कुसुम देवी पत्नी बुद्ध सैन, अमृतलाल दब गए। चीख पुकार पर भीड़ एकत्रित हो गई और खबर पर पुलिस पहुंच गई। आनन-फानन तीनों को जिला अस्पताल और वहां से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। बाद में तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
दुसरी दुर्घटना मंजूरगढ़ी के निकट बिस्मिल्लाह कॉलोनी में हुई। जहां शमीम के घर के पास लगा रिलायंस का टावर एक ऑटो पर गिर पड़ा। यहां ऑटो में सवार दो महिलाएं रुखसाना बेगम, खाजिया निवासी हमदर्द नगर के अलावा शमीम का आठ साल का बेटा शाहिल भी दब गया। इन तीनों को भी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां तीनों में से शाहिद की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। तीसरी दुर्घटना डोरी नगर में हुई, जहां अपने मकान की छत पर खड़ी आरती पत्नी कांता प्रसाद के पड़ोसी रेलवे कर्मी के मकान की दीवार अचानक आरती के ऊपर आ गिरी। इससे आरती बुरी तरह जख्मी हो गई। आरती को एक निजी नर्सिंग होम में भरती कराया गया
पेड़ गिरने से महिला की मौत, तीन जख्मी
सोेेमवार की देर शाम आई आंधी ने कहर बरपाया। आंधी से एक पेड़ उखड़ गया। इसके नीचे दबकर एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके कई परिजन घायल हो गए। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय बस अड्डे पर चार की दुकान करने वाली कुसुमा देवी के घर से सौ मीटर की दूरी पर घेर में पीपल के पेड़ के सहारे मवेशी बंधे थे। सोमवार की देर शाम जब तेज आंधी आई तो आंधी में पीपल का पेड़ उखड़ गया। इसके नीचे कुसुमा देवी की 35 वर्षीय बेटी रूपवती के अलावा रूपवती की बहनें पुष्पा, मीना व चाची कमलेश सहित कई मवेशी दब गए। मौके पर चीख पुकार मच गई। आनन-फानन में लोगों ने इन सभी को बाहर निकाला। इन सभी को लोग पनैठी के निजी अस्पताल में ले गए। जहां डॉक्टर ने रूपवती को मृत घोषित कर दिया। अन्य का उपचार कराया गया है। मौके पर कोहराम मच गया। ।
पूरी रात बिजली विभाग की टीमें फाल्ट तलाशने में जुटी रहीं
सात फीडरों पर ब्रेक डाउन, बिजली ठप
कई दिनों की भयंकर तपिश के बाद सोमवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। पहले तो तेज आंधी और धूल का बवंडर आया और उसके बाद बारिश ने मौसम सुहावना कर दिया। बारिश के दौरान भी तेज हवाएं चलतीं रहीं। इसके चलते देहात में करीब आठ जगहों पर ब्रेक डाउन हो गया।
ताला नगरी में दो फीडर बंद हो गए। शहर में भी शाम पांच बजे से रात नौ बजे तक आपूर्ति बंद रही। देहात और शहर कई स्थानों पर तार टूट गए। कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां बिजली के तारों पर गिर गई, जिससे फीडर बंद हो गए। देर रात तक बिजली विभाग की टीमें लाइनों के फाल्ट तलाशने और उन्हें सुधारने के काम में लगी रहीं। जैसे जैसे फाल्ट मिलते गए वैसे ही आपूर्ति भी सुचारु की जाती रही।
शहरी क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि जब भी पहली बारिश होती है तो ब्रेक डाउन ज्यादा होते हैं। इसकी वजह यह है कि पहली बारिश में इंसूलेटर पर लगी डस्ट समस्या पैदा करती है। जब बारिश तेज होती है तो वह डस्ट बह जाती है। लेकिन पहली बारिश में यह समस्या आती है। शाम को जब तेज आंधी के साथ बारिश आई तो आपूर्ति बंद कराई गई। मौसम साफ होने पर सभी फीडरों को चेक किया गया।