जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार सुबह हुई रिमझिम बारिश से ठंड बढ़ गई है। वहीं सर्द हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सुबह आधा घंटे के लिए सूर्यदेव ने दर्शन दिए, लेकिन उसके बाद वह भी बादलों में छुप गए। किसानों के लिहाज से अभी तक की बारिश फायदेमंद थी। इससे अधिक बारिश होने पर सरसों, आलू चना जैसी फसलों को नुकसान पहुंचने का डर है।
शनिवार सुबह हुई बारिश ने मौसम ठंडा कर दिया। सर्द हवाओं ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। वहीं जिले का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री व अधिकतम तापमान 16 डिग्री दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार 17 किमी. घंटे रही। जो सामान्य से ज्यादा है। सुबह हुई बारिश के बाद करीब 11 बजे मौसम खुला। धूप निकलने से लोगों के चेहरे पर राहत दिखी, लेकिन आधे घंटे बाद मौसम फिर गड़बड़ हो गया।
बादल घुट गया और सूर्य देव विलुप्त हो गए। पूरे दिन चली सर्द हवाओं ने लोगों को परेशान किया। वहीं किसानों की मानें तो अभी तक की बारिश से आलू, सरसों, चना आदि फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। अगर अब बारिश पड़ी तो गेहूं को छोड़कर अन्य फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। गेहूं के लिए पाला और बारिश लाभदायक है। मौसम विभाग की मानें तो अभी मौसम और खराब होने की आशंका है। रविवार को भी बारिश हो सकती है।
ठंड में लोगों ने जगह-जगह अलाव का सहारा लिया। रामघाट रोड, अचल रोड, गांधी पार्क बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन के आसपास लोगों ने जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री वितरित की। खाद्य सामग्री पाकर उनके चेहरे खिल गए। वहीं सामाजिक संस्थाओं ने भी जगह-जगह जरूरतमंदों को गर्म कपड़े वितरित किए।