गोंडा क्षेत्र में किशोरी संग दुष्कर्म के आरोप में जेल गए फतेहपुर में तैनात सिपाही पक्ष पर अदालत को गुमराह करने का आरोप लगा है। जेल गए सिपाही के पक्ष से अदालत को दोनों पक्षों में समझौता होना बता दिया गया और सशर्त जमानत पा ली। अब वादी ने अदालत को यह लिखित शिकायत दी है कि उसका समझौता नहीं हुआ। इस मामले में अब अदालत स्तर से निर्णय लिया जाएगा।
वादी पक्ष के अधिवक्ता बलवीर सिंह के अनुसार, यह मुकदमा 16 मई को गोंडा थाने में दर्ज हुआ, जिसमें 20 अप्रैल की घटना दर्शाते हुए गांव की किशोरी संग फतेहपुर में तैनात सिपाही लखेंद्र व गांव के ही अमित पर दुष्कर्म का आरोप लगा। वीडियो वायरल करने की धमकी देने का भी आरोप था। पुलिस ने मुकदमे के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इस मामले में एक जुलाई को अपर सत्र न्यायालय पॉक्सो विशेष की अदालत से आरोपी सिपाही लखेंद्र को सशर्त जमानत मिल गई। हालांकि, अभी रिहाई नहीं हो पाई है। मगर वादी के अधिवक्ता बलवीर सिंह को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने वादी को दीवानी बुलाया और पूरा प्रकरण बताया।
जमानत आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि दोनों पक्षों में सुलहनामा हो गया है। उसी आधार पर जमानत दी गई है। अधिवक्ता बलवीर सिंह के अनुसार इस मामले में अब वादी की ओर से अदालत को लिखित शिकायत दी गई है। जिसमें कहा गया है कि वादी का कोई समझौता नहीं हुआ है। अदालत को गलत व्यक्ति पेश कर गुमराह किया गया है। इस मामले में पॉक्सो अदालत के एडीजीसी महेश सिंह ने बताया कि इस मामले में वादी की ओर से लिखित शिकायत अदालत को दी गई है। अभी उस पर अदालत स्तर से संज्ञान नहीं लिया गया है। अब अदालत स्तर से ही उस शिकायत पर संज्ञान लेकर निर्णय लिया जाएगा। तभी कुछ तय होगा।