नगर पालिका परिषद के नियंत्रण वाले कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करने के बाद उस जमीन का बैनामा कर बेचने के आरोपी को नौ माह बाद पुलिस ने पकड़ा है। आरोपी साहब सिंह मोहल्ला सरायवली में एक दुकान पर चाय पीते समय कस्बा चौकी प्रभारी संदीप वर्मा ने उसे पकड़ लिया। चर्चा है कि एसएसपी से मिली फटकार के बाद सक्रिय हुई कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
दरअसल सोमवार को ही एडीएम न्यायिक ने एसएसपी को पत्र लिखा था, जिसमेें नगर पालिका की ओर से मुकदमा दर्ज कराए जाने के नौ माह बीतने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी न किए जाने पर कोतवाली पुलिस की शिकायत की थी।
नगर पालिका परिषद के निर्माण लिपिक राजकुमार ने 7 मार्च को मोहल्ला सरायवली निवासी साहब सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया गया है कि पालिका के अधीन पुराना रामघाट रोड स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर साहब सिंह ने कब्जा किया।
इसके बाद इस जमीन का बैनामा अपनी पत्नी मुन्नी देवी, गांव गाजीपुर निवासी प्रवेश कुमारी, राजकुमारी और पुष्पा के नाम करा दिया। हालांकि इस दौरान पालिका बेखबर बनी रही और कभी भी अपनी जमीन को खाली कराने का ख्याल भी नहीं आया।
इसी जमीन के बराबर में मथुरा निवासी बांके बिहारी गर्ग की जमीन पर भी साहब सिंह ने कब्जा कर लिया था। उनके पुत्र आनंद गर्ग ने उच्च न्यायालय तक इसकी लड़ाई लड़ी। उन्होंने अपने साथ पालिका की जमीन पर भी कब्जे और बैनामा का मुद्दा साथ रखा।
बांके बिहारी गर्ग की जमीन पर कब्जा और रिकाॅर्ड में हेराफेरी करने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने साहब सिंह सहित तत्कालीन राजस्व निरीक्षक नरेंद्र होल्कर, लेखपाल प्रेमचंद आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, जिसकी विवेचना अभी चल रही है।