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अलीगढ़ : जिंदगी और मौत से जूझ रहा हत्यारोपी नहीं दे रहा लूट के माल का सुराग

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महानगर के क्वार्सी क्षेत्र के सुरेंद्र नगर में ललित सराफ की पत्नी व बेटे की हत्या के बाद उनके घर से लूटे गए आठ लाख रुपये से अधिक कीमत के माल का सुराग पुलिस को नहीं मिल पा रहा है। जेएन मेडिकल कॉलेज में इस लूट का हत्याकांड का मुख्य आरोपी जिंदगी और मौत से जूझते हुए भी पुलिस को सुराग नहीं दे रहा। अब तक की पुलिस की फौरी पूछताछ में उसने इतना ही बताया है कि लूटा गया माल कहीं चोरी हो गया है। उसका यह जवाब सुनकर पुलिस हैरान है। अब पुलिस को इंतजार है कि डॉक्टर उसे स्वस्थ घोषित करें, तभी सही तरीके से पूछताछ हो पाएगी।
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सुरेंद्र नगर सिंघल सदन वाली गली में ललित सराफ की पत्नी शिखा व बेटे गोविंदा की 26 मई को हुई हत्या में यह खुलासा हुआ कि दोनों की हत्या के बाद आठ लाख रुपये से अधिक के जेवर लूटे गए। सीसीटीवी की मदद से हरदुआगंज निवासी ललित के कारोबारी मित्र अतुल वर्मा व उसके मूल रूप से जौनपुर हालमुकाम बुलंदशहर निवासी साथी शुभम का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने दो दिन पहले शुभम को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं अतुल की तलाश चल रही थी, इसी बीच मंगलवार को उसने खुर्जा जंक्शन में ट्रेन के आगे कूदकर जान देने की कोशिश की। हालांकि ट्रेन की चपेट में आने से वह जख्मी हो गया, तब से उसका जेएन मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
उसका ऑपरेशन सफलतापूर्वक हो गया। उसे डॉक्टरों ने आईसीयू में शिफ्ट कर दिया है। हालांकि पुलिस ने अभी उसे हिरासत में नहीं लिया है। मगर आईसीयू में शिफ्ट किए जाने पर उससे लूटे गए माल के संबंध में फौरी बातचीत की। इस पर अतुल ने पुलिस को बताया कि माल चोरी हो गया। माल कहां चोरी हुआ और कैसे हुआ यह वह नहीं बता पाया। उससे पूछताछ व ज्यादा बातचीत के लिए डॉक्टरों ने सहमति नहीं दी है, इसलिए पुलिस की उससे अधिक बातचीत नहीं हो सकी है। वहीं, उसका परिवार भी मेडिकल कॉलेज में ही डटा हुआ है। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार मुख्य आरोपी से ज्यादा पूछताछ नहीं हो सकी है। डॉक्टरों की सहमति के बाद ही पूछताछ होगी। अभी उसने माल को लेकर सही जानकारी नहीं दी। सिर्फ चोरी होना बताया है। सही बात उससे विस्तार से पूछताछ के बाद ही सामने आ सकेगी।
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मुकदमे से अंजली व सोमेश का नाम निकालने की प्रक्रिया शुरू
पुलिस स्तर से इस घटना में दोनों आरोपियों के नाम साफ होने और घटना स्पष्ट होने पर ललित द्वारा नामजद किए गए अंजली व सोमेश का नाम निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस विषय में कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों नाम मुकदमे से बाहर कर दिए जाएंगे।
23 को अगर घटना होती तो पांचों परिजनों की जाती जान
शुभम से पूछताछ व अतुल से मिली जानकारी में यह उजागर हुआ है कि यह दोनों पहले 23 मई को घटना करने पहुंचे थे। इन्होंने प्लान बनाया था कि उस दिन देर रात पहुंचकर वहां सोने के लिए जगह मांगेंगे। घर में सोते समय रात के किसी समय चोरी करेंगे। यदि घर वाले जग गए तो परिवार के पांचों सदस्यों की भी हत्या करनी पड़ी तो मारकर माल लेकर ही जाएंगे। कारण कर्ज में डूबे होने से अतुल रुपयों के लिए बेहद परेशान था। उसके पिता उसे रुपये नहीं दे रहे थे। उसे पता था कि ललित के यहां उसे काफी माल मिल जाएगा।
मां के अलावा वकील से भी की थी बातचीत
इस घटना की जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि अतुल ने अपनी मां से फोन करने के साथ-साथ चंडीगढ़ से अपने वकील को भी फोन किया था। उससे इस घटना को लेकर सभी कानूनी पहलू समझे थे। वह जानना चाहता था कि उसे कितने दिन जेल रहना पड़ेगा और कितने दिन में जमानत होगी। उसे समर्पण करने में ज्यादा आसानी है अथवा पुलिस के पास जाने में। इस दौरान वकील से भी उसने स्वयं के आत्महत्या करने की बात कही थी।
प्रेमिका की खातिर शुभम ने किया अपराध
पुलिस जांच में यह भी उजागर हुआ है कि दिल्ली में नौकरी करते समय पालम की एक युवती से शुभम ने प्रेम विवाह कर लिया था। वह संपन्न घर से ताल्लुक रखती है। कोरोना काल में नौकरी जाने के बाद वह गांव चला गया। जब लौटा तो उसे नौकरी नहीं मिली। इस दौरान प्रेमिका के परिवार ने उससे दूरी बना ली। अब उसे रोजगार व रुपयों की जरूरत थी। इसी बीच बुलंदशहर में आने पर उसकी मुलाकात अतुल से हो गई और उसके दो लाख रुपये के ऑफर को वह ठुकरा नहीं सका।
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