जनगणना एप पर स्वगणना करते समय आ रही तकनीकी समस्या से शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा को भी जूझना पड़ा। उनका घर आगरा रोड पर साईं विहार कॉलोनी में है, लेकिन एप पर उनके घर की लोकेशन पड़ियावली बिजली घर और कान्हा गोशाला के पास दिखाई देती रही है। इससे परेशान होकर विधायक बोलीं-अधिकारी बातों के बताशे फोड़ रहे हैं, कुछ काम नहीं हो रहा।
शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा ने जनगणना एप पर स्वगणना फॉर्म भरने की कोशिश की। एक घंटे तक वह लगातार प्रयास करती रहीं, लेकिन एप पर उनके घर की लोकेशन सही नहीं मिली। एप पर लोकेशन डालते ही कभी पड़ियावली बिजलीघर दिखाता रहा तो कभी कान्हा गोशाला के पास की लोकेशन दिखाता रहा। यह दोनों स्थान उनके घर से करीब आधा किलोमीटर दूर है।
विधायक ने बताया कि जब उन्हें अपना घर खोजने में इतनी परेशानी हो रही है तो आम आदमी कितना परेशान होगा। ऐसे में कैसे स्वगणना हो सकेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को एप में आ रही समस्याओं का समाधान कर आम जनता को अवगत करना चाहिए। वह स्वयं बृहस्पतिवार को इस संबंध में अधिकारियों से बात करेंगी।
दरअसल, इस बार घर-घर जाकर जनगणना करने के साथ ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा भी 21 मई तक दी गई है। इससे नागरिक अपने घर बैठे मोबाइल, लैपटॉप अथवा कंप्यूटर के माध्यम से अपनी पारिवारिक जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं।
जिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि जनगणना प्रक्रिया सामान्य रूप से दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं आवास गणना की जाएगी, जिसमें भवन की स्थिति, कमरों की संख्या, पेयजल, शौचालय, बिजली, इंटरनेट, रसोई गैस जैसी मूलभूत सुविधाओं का विवरण दर्ज किया जाएगा।
द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना होगी, जिसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम, आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय, वैवाहिक स्थिति, जन्म स्थान, मातृभाषा सहित अन्य आवश्यक जानकारियां दर्ज की जाएंगी। विकास भवन में बुधवार को अधिकारियों-कर्मचारियों ने मोबाइल एप के माध्यम स्व-गणना की।
यह है ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया
-सबसे पहले भारत सरकार के जनगणना पोर्टल/ मोबाइल एप पर पंजीकरण करना होगा।
-मोबाइल नंबर अथवा आधार आधारित सत्यापन के माध्यम से लॉगिन करना होगा।
-परिवार के मुखिया को परिवार से संबंधित मूल विवरण दर्ज करना होगा।
-परिवार के सभी सदस्यों की व्यक्तिगत जानकारी भी निर्धारित कॉलम में भरनी होगी।
-जानकारी भरने के बाद उसका पुनः सत्यापन करना होगा। सबमिट के बाद संदर्भ संख्या प्राप्त होगी।
-जिसे सुरक्षित रखना होगा। बाद में नियुक्त प्रगणक घर पहुंचकर विवरण का सत्यापन कर सकते हैं।
स्वगणना फॉर्म भरवातीं विधायक। संवाद