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तीन घरों के चिराग बुझे

Mon, 26 Mar 2018 02:14 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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विलाप करतीं भोलाशंकर की बेटियां। - फोटो : अमर उजाला
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नरदेव शर्मा चार भाई हैं। जिसमें वह सबसे छोटे हैं। जबकि तीन भाई क्रमश: कृपाशंकर शर्मा, महेंद्र शर्मा तथा भोलाशंकर शर्मा उनसे बडे़ हैं। नरदेव शर्मा पर दो बेटे व एक बेटी थी, जिसमें से दोनों बेटों ने इस हादसे में दम तोड़ दिया। हादसे ने एक साथ तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए।
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भोलाशंकर को पांच बेटियों के बाद छठवीं संतान के रूप में पुत्र राहुल की प्राप्ति हुई थी, लेकिन इस हादसे ने उनके इकलौते पुत्र को भी छीन लिया। वहीं अलीगढ़ के देवी नगला में रहने वाले कृपा शंकर शर्मा के दो बेटे थे जिसमें बडे़ बेटे देवेंद्र की चार वर्ष पूर्व सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी, जबकि छोटे बेटे योगेश उर्फ बल्लू तथा उसकी छह वर्षीय बेटी साक्षी की भी रविवार को हुए सड़क हादसे में मौत हो गई, जिसके चलते कृपाशंकर शर्मा पर भी पुत्र वियोग की मार पड़ी है।

रात में ही होगा पोस्टमार्टम, सुबह अंतिम संस्कार
फोन पर हुई बातचीत में परिजनों ने बताया कि रात में ही जिला प्रशासन द्वारा मृतकों का पोस्टमार्टम करा दिया जाएगा। जिसके बाद आधी रात्रि तक परिजन गांव लौट सकेंगे। जहां सुबह मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव पहुंचे क्षेत्रीय विधायक ठा. दलवीर सिंह ने संभल जिले के डीएम तथा एसएसपी से फोन पर बातचीत कर परिजनों की मदद करने की बात कही। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय पर बातचीत करते हुए मृतकों के परिवारीजनों को सहायता दिलाने की मांग की है।
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घटना बेहद दुखद है। परिवार की सहायता के लिए मुख्यमंत्री को अवगत कराया था। जहां से डीएम के लिए निर्देश आ गए हैं। डीएम की रिपोर्ट के बाद आशा है कि शासन स्तर से मृतक परिवारों को सहायता जरूर मिलेगी। - ठा. दलवीर सिंह, विधायक बरौली

ब्रेकर की मांग को लेकर ग्रामीणों ने लगाया जाम
बहजोई (संभल) हाईवे पर गांव खजरा-खाकम के खतरनाक मोड़ ने रविवार को दो बच्चों समेत पांच लोगों की जान ले ली। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने दोपहर करीब सवा बजे जाम लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस खतरनाक मोड़ पर आए दिन हादसे होते हैं। इसलिए ब्रेकर लगवाए जाएं। कई बार प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से मांग की गई पर आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। हादसे के बाद रविवार को महिलाएं सड़क पर बैठ गईं। सूचना पर पहुंची कोतवाल अंजू भदौरिया ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। अपर जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव और पुलिस अधीक्षक रविशंकर छबि ने ग्रामीणों को समझाया तो ग्रामीणों ने कहा कि सड़क पर ब्रेकर बनें, तब ही जाम खुलेगा। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। प्रयास रहेगा कि जल्द ही समाधान हो जाए। इसके बाद कहीं जाकर ग्रामीण माने और करीब पौने दो घंटे बाद अपराह्न करीब तीन बजे जाम खोला। इस बीच ब्रेकर की मांग को लेकर ग्रामीणों की पुलिस अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। 
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