बेटी की मौत पर बिलाप करती महिलाएं।
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बारिश में गेहूं की फसल बचाने में जुटे परिवार पर बिजली गिरने के दौरान मृत किशोरी राधा का घर दूसरे दिन भी रुदन और सिसिकियों से गूंजता रहा। परिचित और रिश्तेदारों का दिनभर सांत्वना देने के लिए आने का तांता लगा रहा। गांव के लोग और पीड़ित परिवार प्रशासन से मदद मिलने की आस भी लगाए रहे लेकिन इसमें निराशा ही हाथ लगी है।
कस्बा के रहने वाले विजय सिंह के पास सोमवार को पूरे दिन क्षेत्रीय लोग और रिश्तेदार उसके घर पर आते रहे। हादसे में मृत राधा की मां रानी देवी उर्फ रामबेटी और उसकी बहन प्रीति उर्फ स्वीटी की दूसरे दिन भी बार-बार रुलाई फूट रही थी, खासकर महिलाओं के उनके पास सांत्वना देने आने पर यह रुदन चीख-पुकार में तब्दील हो रहा था, जिससे आने वाली महिलाओं की आंखें भी नम हो रही थीं। वहीं गमगीन हालत में बैठे विजय सिंह को लोग सांत्वना देकर जाते रहे। कस्बा के लोगों का कहना था कि मौसम के कहर से बच्ची की जान जाने के बाद भी किसी प्रशासनिक अधिकारी अथवा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि का पीड़ित परिवार को सांत्वना नहीं देना भी पीड़ादायक है।
ज्ञात रहे रविवार को रानी देवी पत्नी विजय सिंह अपनी बेटी राधा, प्रीति और बेटे विकास गेहूं की फसल को बारिश से बचाने के लिए सुबह करीब आठ बजे कटाई में लग गए थे। शाम को चार बजे तेजी से बिगड़े मौसम के दौरान बिजली परिवार के पास गिर गई, जिसकी चपेट में आने से राधा (15) वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जबकि परिवार के अन्य सदस्य बाल-बाल बच गए थे। गंभीर घायल राधा को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों द्वारा पुलिस को हादसे की सूचना पुलिस को दी गई थी लेकिन परिजन किशोरी का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, जिस पर पुलिस ने पंचनामा भरकर परिजनों को सौंंप दिया था। किशोरी के शव का रविवार की रात करीब 8:00 बजे शोकाकुल माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।