मशहूर नारीवादी एक्टिविस्ट कमला भसीन ने कहा कि हिटलर ने तो सिर्फ छह मिलियन यहूदियों को मारा था। हिंदुस्तान में तो 35 मिलियन लड़कियों को गर्भ में या जन्म के बाद मार दिया जाता है। आज औरतों के लिए सबसे अधिक खतरनाक जगह उसका घर है। यह काम आदिवासी या गरीब नहीं करते, बल्कि पढ़े लिखे अमीर लोग माडर्न साइंस के इस्तेमाल से करते हैं। 40 प्रतिशत पति अपनी पत्नियों पर हाथ उठाते हैं।
कमला भसीन मंगलवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में गैर सरकारी संगठन निसा एवं वीएम हॉल के संयुक्त तत्वावधान में ‘महिलाओं का अधिकार एवं उसका उल्लंघन’ विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि 1947 में भारत आजाद हुआ था। भारती अभी आजाद नहीं हुई हैं।
उन्होंने कहा कि अलीगढ़ में पड़ोसी मुल्क से दुश्मन नहीं आए हैं, जो महिलाओं को सड़कों पर चलने नहीं देते। समाज में लड़कियां महफूज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म या कुदरत नहीं कहता कि मर्द औरतों से बेहतर है।
हमारी लड़ाई पेट्रीआर्की से है। पेट्रीआर्की को अपनी औरत ढकी हुई और दूसरी औरत नंगी चाहिए। कमला भसीन ने करीब आधे घंटे के वक्तव्य में छात्र-छात्राओं को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने पुरुष प्रधान समाज की मानसिकता एवं उसको दिए जा रहे धार्मिक संरक्षण की जमकर खिल्ली उड़ाई।
दिल्ली विश्वविद्यालय की आईसा अध्यक्ष कंवलजीत कौर ने कहा कि आज देश की हर यूनिवर्सिटी खतरे में है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश में एंटी रोमियो स्क्वायड बनाने की घोषणा की है। भाजपा नेता लड़कियों को जूलियट समझते हैं।
भाजपा के इस स्ट्रक्चर को हमें तोड़ना है। कार्यक्रम को प्रो. समीना खान, डॉ. मदीउर्रहमान एवं अब्दुल हफीज गांधी ने भी संबोधित किया।